Indira Gandhi-during emergency
उन्होंने कहा कि हिटलर ने इस बात को सुनिश्चित रखा कि उसके कदम संविधान के दायरे के भीतर रहें। जेटली ने कहा, ‘श्रीमती गांधी ने अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लगाया ओर अनुच्छेद 359 के तहत मौलिक अधिकार निलंबित कर दिये और दावा किया कि देश में विपक्ष ने अव्यवस्था फैलाने की योजना बनाई थी।’
वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों को अवैध आदेशों का पालन नहीं करने को कहा जा रहा था और इसलिये देश के व्यापक हित में भारत को ‘अनुशासित लोकतंत्र’ बनाया जाना था। उन्होंने कहा कि हिटलर की तरह ही इंदिरा गांधी ने संसद के ज्यादातर विपक्षी सदस्यों को गिरफ्तार करवा लिया और इस प्रकार उनकी अनुपस्थिति में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया और संविधान संशोधन के जरिये कई अप्रिय प्रावधानों को पारित करवा लिया।
जेटली ने कहा, ‘संविधान के 42 वें संशोधन के जरिये उच्च न्यायालयों की रिट जारी करने की शक्ति को कमतर कर दिया गया। इस शक्ति को डॉ. आंबेडकर ने कहा था कि यह संविधान की आत्मा है। उन्होंने अनुच्छेद 368 में भी संशोधन किया ताकि संविधान संशोधन को न्यायिक पुनर्विलोकन के दायरे से बाहर किया जा सके।’
उन्होंने कहा कि नाजी नेता ने कहा था कि जर्मनी में एक ही प्राधिकारी है और वह प्राधिकारी फ्यूहरर (तानाशाह नेता हिटलर) है। जेटली ने कहा कि इसी तरह कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष देवकांत बरूआ ने कहा था, ‘इंदिरा इज इंडिया एंड इंडिया इज इंदिरा।’