टाइमलाइन

Emergency Timeline: इंदिरा के प्रधानमंत्री बनने से कांग्रेस की सरकार गिरने तक, जानें कैसे आई आपातकाल की नौबत

भारत में 25 जून-26 जून 1975 की दरमियानी रात एक दुस्वप्न के तौर पर दर्ज है। दरअसल, इसी दिन देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर इमरजेंसी लगा दी थी। बाद में केंद्रीय कैबिनेट ने इस उद्घोषणा का अनुमोदन किया था। इसी के साथ देश ने अगले 19 महीने ऐसी स्थिति देखी, जिसे भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। 

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर आपातकाल की स्थितियां कबसे और कैसे बनना शुरू हुईं। आइये इसे टाइमलाइन के माध्यम से जानते हैं। 
 
  • 1966

    प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा गांधी

    प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद जनवरी में इंदिरा गांधी देश की पीएम बनीं।
  • 1969

    इंदिरा को पार्टी से निकालने के बाद दो हिस्सों में बंटी कांग्रेस

    नवंबर में इंदिरा गांधी को कांग्रेस पार्टी ने अनुशासन का उल्लंघन करने के कारण निष्कासित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस दो हिस्सों- कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) में बंट गई।
  • 1971
    इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्षी नेता राजनारायण ने रायबरेली से लोकसभा चुनाव लड़ा। हारने के बाद उन्होंने इंदिरा के खिलाफ चुनावी कदाचार के आरोप में शिकायत दर्ज कराई।
  • 1973-75

    जब इंदिरा सरकार ने देखा विरोध प्रदर्शनों का दौर

    इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ राजनीतिक अशांति और प्रदर्शनों में बढ़ोतरी हुई। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के बाद बढ़ी हुई महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कमी और आर्थिक मंदी की वजह से बिहार से लेकर गुजरात तक पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए।
  • 1975

    इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद उग्र हुआ विपक्ष

    12 जून को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी को चुनाव प्रचार अभियान में गड़बड़ियों के लिए दोषी करार दिया और उनके चुनाव को निरस्त कर आगे छह साल तक चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी। 22 जून को विपक्षी नेताओं ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में सरकार के खिलाफ रोजाना प्रदर्शन करने का एलान किया। इस रैली को जयप्रकाश नारायण ने संबोधित किया।
  • 1975

    25-26 की दरमियानी रात में आया आपातकाल का फैसला

    24 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गांधी को अब संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त नहीं हैं। उन्हें वोट देने से रोक दिया गया, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में काम करते रहने की अनुमति दी गई। 25 जून को देर रात इंदिरा गांधी की सलाह पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने आपातकाल की घोषणा की। 26 जून इंदिरा गांधी ने आकाशवाणी पर राष्ट्र को संबोधित किया, आपातकाल लगाने के कारण बताए।
  • 1976

    संजय गांधी के नसबंदी कार्यक्रम से देश में भड़का गुस्सा

    संजय गांधी ने सितंबर में दिल्ली में जबरन सामूहिक नसबंदी कार्यक्रम शुरू किया। इसके तहत हजारों पुरुषों की उनकी इच्छा के खिलाफ नसबंदी कर दी गई। देश में इसे लेकर रोष स्थापित हो गया। 
  • 1977

    ...और फिर खत्म हुआ आपातकाल

    18 जनवरी को इंदिरा गांधी ने नए चुनाव की घोषणा की और सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा किया। 20 जनवरी को सात साल 10 महीने के बाद लोकसभा को भंग कर दिया गया। मार्च में चुनाव हुए, जिसमें इंदिराृ-संजय गांधी समेत कांग्रेस के कई कद्दावर नेताओं को हार मिली। इस तरह जनता पार्टी शासन में आई और 21 मार्च को आपातकाल को खत्म कर दिया गया।