इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन तीन दिन के दौरे के लिए भारत आ गए हैं। तीन दिन के इस दौरे में वह पीएम मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करने से लेकर मुंबई में जुईस ट्रेल (यहूदियों के स्मारक) का उद्घाटन करने के बाद अपने देश वापस लौटने वाले थे।
हालांकि उनकी ये योजना सफल नहीं रही और कोहेन आज ही पीएम मोदी से मिलकर वापस लोटने वाले हैं। दरअसल, अपनी देश से जुड़ी सुरक्षा अपडेट मिलने के बाद वह अब भारत के तीन दिन के दौरे को खत्म कर वापस लौट जाएंगे। भारत पहुंचकर उन्होंने दिल्ली में सीआईआई भारत-इस्राइल बिजनेस फोरम में कहा- "मैं पीएम मोदी के साथ इजरायल और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते का मुद्दा उठाऊंगा।"
इस्राइल की सुरक्षी संबंधित जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ट्वीट कर अपने तीन दिन के दौरे को खत्म करने की जानकारी देते हुए कहा- "मैं कुछ समय पहले भारत की राजधानी नई दिल्ली में उतरा था, और उतरने के तुरंत बाद मुझे एक सुरक्षा अपडेट प्राप्त हुआ, जिसके बाद ही मैंने आज पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक के बाद ही इस्राइल वापस जाने का फैसला किया।"
इस वजह से भारत यात्रा की अवधि में कटौती
इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन के अपनी भारत यात्रा को बीच में ही छोड़कर मंगलवार की शाम को स्वदेश लौट गए। इस्राइल में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की सूचना मिलने के बाद कोहेन ने अपनी भारत यात्रा की अवधि में कटौती करने का फैसला किया। इस्राइल की सेना ने मंगलवार तड़के गाजा पट्टी में इस्लामिक जिहाद संगठन के ठिकानों पर हमले किए। इस हमले में आतंकी समूह के तीन वरिष्ठ कमांडर सहित 12 फलस्तीनी मारे गए हैं।
जयशंकर से मिले
इससे पहले विदेश मंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ कारोबार, निवेश, रक्षा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के बारे में विस्तृत चर्चा की। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करने के बाद तेल अवीव लौट गए। जयशंकर ने कोहेन से बातचीत के बाद ट्वीट किया कि कोहेन के साथ आज दोपहर को सार्थक एवं विस्तृत चर्चा हुई। हमारे सामरिक संबंधों का मुख्य स्तंभ- कृषि, जल, रक्षा एवं सुरक्षा है और यह हमारे रिश्तों को आगे ले जा रहा है। जल और कृषि के क्षेत्र में आज नए समझौते और अधिक कार्य की क्षमता को रेखांकित करते हैं।’’ जयशंकर ने कहा कि उच्च प्रौद्योगिकी, डिजिटल एवं नवाचार क्षेत्र, सम्पर्क, पर्यटन आवागमन, वित्त और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग के बारे में चर्चा करने के साथ आई2यू2 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग में प्रगति की समीक्षा की।