हाथी की इलाज के दौरान मौत (फाइल फोटो)
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कुछ महीने पहले केरल में एक गर्भवती हथिनी की दर्दनाक मौत हुई थी। एक बार फिर से एक ऐसी ही घटना सामने आ रही है। केरल के अट्टप्पाडी में शुक्रवार की रात एक पांच वर्षीय हाथी की मृत्यु हो गई। यह हाथी टूटे हुए जबड़े के साथ पाया गया था। वन अधिकारियों ने बताया कि हाथी खाने में असमर्थ था, उसे एक दिन पहले अगाली वन रेंज के वेटिकुंडु में मिला था। कुछ नहीं खाने के चलते वह काफी कमजोर हो गया था।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें संदेह है कि हाथी ने पटाखे से भरे नारियल या किसी फल को खाया। जिसकी वजह से उसका जबड़ा टूट गया। उन्होंने कहा कि तीन संभावनाएं सामने आ रही हैं, जो इस हाथी के मौत का कारण हो सकती हैं। पहला कि हाथी ने पटाखे भरे नारियल या कोई फल खाया होगा, जिसकी वजह से उसके मुंह में चोटें आईं। इसके अलावा या तो उसके पेट में ट्यूमर होगा या फिर वह निमोनिया से पीड़ित था।
अधिकारी ने कहा कि हाथी को तमिलनाडु के जंगलों से भटकने का संदेह था, क्योंकि यह अब तक वन अधिकारियों द्वारा किसी भी झुंड में पहले नहीं देखा गया था। तमिलनाडु का जंगल उस इलाके से करीब दो से तीन किमी दूर है, जहां यह पाया गया था। आज सुबह इसका पोस्टमार्टम किया गया।
मुख्य वन पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण साकारिया कहा कि हाथी की हड्डी टूटी हुई थी, उसकी जीभ अलग थी और वह निमोनिया से पीड़ित था। उसके पेट में ट्यूमर भी था। उन्होंने कहा कि हमने नमूने एकत्र किए हैं और इसे फोरेंसिक परीक्षणों के लिए भेजा है। उनके अनुसार हाथी के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं था। हालांकि उन्होंने भी इस संभावना से इनकार नहीं कि हाथी ने पटाखे से भरे फल को नहीं खाया होगा।
महीने भर पहले ही केरल में कुछ शरारती तत्वों ने एक गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया था, पटाखे हथिनी के मुंह में फट गए और हथिनी के गर्भ में पल रहे बच्चे समेत उसकी मौत हो गई थी। केरल में हाथियों पर हमले की लगातार खबरें आ रही हैं।