नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने कहा है कि 2022 तक शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बावजूद रेलवे इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरतों का आकलन करने में विफल रहा है। इसके चलते 2012-18 के बीच डीजल इंजन 20 फीसद बढ़ गए।
भारतीय रेलवे में इंजनों एवं उसके उत्पादन के मूल्यांकन एवं उपयोगिता तथा एलएचबी डिब्बों के रखरखाव पर कैग की ऑडिट रिपोर्ट बुधवार को संसद में रखी गई। इसमें कैग ने कहा है कि इंजनों की जरूरत का आकलन करते समय इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत और डीजल इंजन के उपयेाग में कमी पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। रेलवे बोर्ड द्वारा इंजनों की जरूरत के लिए अपनाया गया मापदंड पिछले साल के वास्तविक उत्पादन पर आधारित था।