पंजाब और हरियाणा समेत पांच राज्यों में फिलहाल बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को टाटा पावर लिमिटेड और अदानी पावर लिमिटेड को करारा झटका देते हुए ट्रिब्यूनल के उस फैसले को दरकिनार कर दिया है, जिसमें दोनों कंपनियों को उपभोक्ता से लागत भरपाई शुल्क वसूलने की इजाजत दी गई थी।
न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की पीठ ने अपीलीय ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिीसिटी(एपटेल) के फैसले केखिलाफ दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा है कि टाटा पावर लिमिटेड और अदानी पावर लिमिटेड अपने उपभोक्ताओं से भरपाई शुल्क नहीं वसूल सकते। एपटेल ने कोयले की कीमत में वृद्धि को देखते हुए दोनों कंपनियों को उपभोक्ताओं से लागत भरपाई शुल्क वसूलने की इजाजत दे दी थी।
दोनों कंपनियों का कहना था कि इंडोनेशिया के कानून में बदलाव के कारण वहां से आयात होने वाले कोयले की कीमत बढ़ गई है। ऐसे में बिजली की दरों में बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी है। मालूम हो कि अपने पावर प्लांट को चलाने के लिए उन्हें कोयले की दरकार है और कोयला इंडोनेशिया से आयात किया जाता है।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कंपनियों को सिर्फ उस स्थिति में फायदा दिया जा सकता है अगर भारतीय कानून की वजह से उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा हो। शीर्ष अदालत का यह फैसला पंजाब व हरियाणा केअलावा राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के बिजली उपभोक्ता केलिए राहत भरा है।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग(सीईआरसी) से कहा कि वह नए सिरे से उन कंपनियों को राहत देने की विचार कर सकती है जो पावर परचेजिंग एग्रीमेंट(पीपीए) की धारा-13 के दायरे में आते हों।