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Elections: सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में चुनावी भागीदारी महत्वपूर्ण, युवा मतदाता भारतीय लोकतंत्र का भविष्य

Wed, 25 Jan 2023 05:30 AM IST
Amit Mandal राजीव कुमार, भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त

सार

संविधान सभा ने आयोग को अनुच्छेद 324 के अंतर्गत संवैधानिक दर्जा प्रदान किया ताकि यह अपने कामकाज में और निर्णय लेने में स्वतंत्र रूप से काम कर सके।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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आज के ही दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी, जिसे वर्ष 2011 से राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी) के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य भारत के नागरिकों को मतदाता के रूप में उनके अधिकारों और दायित्वों से अवगत कराना है। एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण के लिए सभी की चुनावी भागीदारी महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस चुनावों को और अधिक समावेशी, सहभागी और मतदाता-हितैषी बनाने के आयोग के प्रयासों को अभिव्यक्त करता है। युवा मतदाता भारतीय लोकतंत्र का भविष्य है।

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वर्ष 2000 के आसपास और उसके बाद पैदा हुई पीढ़ी ने निर्वाचक नामावली में शामिल होना शुरू कर दिया है। यह महत्वपूर्ण है कि छात्र मतदान करने की आयु तक पहुंचें, उससे पहले विद्यालय स्तर पर ही उनमें लोकतंत्र की जड़ों का बीजारोपण कर दिया जाए। साथ ही साथ, युवाओं को विभिन्न माध्यमों के जरिए निर्वाचन आयोग से जोड़ा जा रहा है ताकि उन्हें पोलिंग बूथों तक लाया जा सके। हालांकि, शहरी मतदाताओं में मतदान के प्रति उदासीनता देखने को मिल रही है।

399 विधानसभा चुनाव आयोग ने कराया अब तक
संविधान सभा ने आयोग को अनुच्छेद 324 के अंतर्गत संवैधानिक दर्जा प्रदान किया ताकि यह अपने कामकाज में और निर्णय लेने में स्वतंत्र रूप से काम कर सके। संस्था अब तक 17 लोकसभा चुनावों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों समेत 399 विधानसभा चुनावों को संपन्न करा चुकी है। एक जीवंत लोकतंत्र में चुनावों का स्वतंत्र, निष्पक्ष, नियमित और विश्वसनीय होना ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें सर्वप्रिय होने के साथ-साथ सहभागी होना चाहिए ताकि शासन व्यवस्था पर उनका पूर्ण प्रभाव दिखे। हमें महात्मा गांधी की एक उक्ति याद आती है, यदि कर्तव्यों का पालन न करके हम अधिकारों के पीछे भागते हैं, तो वे अलभ्य वस्तु की भांति हमारी पकड़ से निकल जाते हैं।
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100 वर्ष के मतदाताओं का शुक्रिया : हाल ही में, 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके दो लाख से अधिक मतदाताओं को, लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए व्यक्तिगत पत्र भेजकर उनका शुक्रिया अदा किया गया। 94 करोड़ से अधिक निर्वाचक  भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां 94 करोड़ से अधिक पंजीकृत निर्वाचक हैं। पिछले आम चुनावों (2019) में 67.4 प्रतिशत के वास्तविक मतदान आंकड़े बहुत कुछ किए जाने की गुंजाइश रखते हैं। बूथ तक न पहुंच सकने वाले 30 करोड़ निर्वाचकों को प्रेरित करना एक तरह से चुनौती है।

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