जहां एक तरफ भाजपा एक देश एक चुनाव को सफल बनाने की कोशिश में लगी है वहीं चुनाव आयोग की तरफ से इसे असंभव करार दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुकत ओपी रावत ने कहा है कि ये वर्तमान परिदृश्य में संभव नहीं है। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस मुद्दे पर विधि आयोग को पत्र लिखकर मामले को गरमा दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अगर चुनाव चरणबद्ध तरीके से कराया जाए तो ही कई राज्यों के चुनाव आम चुनावों के साथ संभव हैं।
#WATCH: Chief Election Commissioner, OP Rawat, says, "simultaneous polls aren't possible without amendments in law. But if polls are to be held in installments, like in 11 states at once, possibilities are there if all respective houses agree to dissolve & conduct polls together" pic.twitter.com/d5JU5oHCuO
— ANI (@ANI) August 14, 2018
2015 में चुनाव आयोग दे चुका है सुझाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि एक साथ चुनाव को लेकर चुनाव आयोग 2015 में ही व्यापक सुझाव दे चुका है। चुनाव आयोग बता चुका है कि इसके लिए संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून में कौन-कौन से संशोधन कराने होंगे। ओपी रावत ने कहा कि इन संशोधनों के बाद अन्य जरूरतों में पर्याप्त वोटिंग मशीन (वीवीपैट), अधिक सुरक्षाकर्मियों जैसी जरूरतों से भी अवगत करा दिया गया था।