लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो चुके हैं। अब पांचवें चरण के लिए मतदान होना है। ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदातों को लुभाने के लिए नकदी औ नशीले पदार्थों सहित हर हथकंडे अपना रहे हैं। जिन्हें चुनाव अधिकारियों द्वारा पकड़ा भी जा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि अधिकारियों ने 8,889 करोड़ रुपए की नकदी, ड्रग्स और अन्य प्रलोभन जब्त किए हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 45 फीसदी नशीली दवाओं का है, जो लगभग 3,959 करोड़ रुपए है।
चुनाव अधिकारी के मुताबिक, ड्रग्स, शराब, कीमती धातुएं, मुफ्त चीजें और नकदी अलग-अलग स्तर पर चुनावों को प्रभावित करते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और भारतीय तट रक्षक ने संयुक्त अभियान में केवल तीन दिनों में 892 करोड़ रुपए की तीन उच्च मूल्य वाली दवाओं को जब्त किया है।
जबकि, 849.15 करोड़ रुपए नकद, 814.85 करोड़ की शराब, 3,958.85 करोड़ की दवाएं और 1,260.33 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं जब्त की हैं। गुजरात के अलावा महाराष्ट्र और दिल्ली में भी नशीली दवाओं की बरामदगी दिखाई गई है।
ग्रेटर नोएडा में दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़
वहीं, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 17 अप्रैल को पुलिस ने एक दवा फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां से 150 करोड़ रुपए की 26.7 किलो एमडीएमए दवा जब्त की। इसके अलावा विदेशी मूल के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
2019 से ज्यादा पहुंची जब्ती
चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले जब्ती ज्यादा हुई है। पिछले तीन चरणों में प्रचार की बढ़ती तीव्रता के साथ, आयोग मतदाताओं को प्रलोभन के माध्यम से प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी नजर रख रहा है। आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है।