हिमाचल की क्वीन बनीं प्रतिभा सिंह
हिमाचल की राजनीति में प्रतिभा सिंह न सिर्फ जाना-पहचाना चेहरा हैं, बल्कि अब उन्हें सियासी मोहरों में माहिर भी माना जाने लगा है। वह सक्रिय राजनीति में भले ही 1998 में आई थीं, लेकिन उन्होंने अपनी सियासी चालों का लोहा अब मनवाया है। दरअसल, प्रतिभा सिंह को करीब छह महीने पहले ही हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी और उन्होंने सत्ता में कांग्रेस की वापसी करा दी।
बता दें कि प्रतिभा सिंह वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं। वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। बता दें कि प्रतिभा 1998 में सक्रिय राजनीति में उतरी थीं। उन्होंने मंडी संसदीय क्षेत्र से पहला चुनाव लड़ा, जिसमें उनके समधी और भाजपा नेता महेश्वर सिंह ने उन्हें करीब सवा लाख वोटों से हरा दिया था। हालांकि, 2004 में प्रतिभा सिंह ने इसका हिसाब चुकता कर लिया और महेश्वर सिंह को मात देकर संसद पहुंच गईं।
2012 में हिमाचल का मुख्यमंत्री बनने के बाद वीरभद्र सिंह ने लोकसभा से इस्तीफा दिया तो उपचुनाव में प्रतिभा सिंह को ही जीत मिली थी। हालांकि, 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 26 अप्रैल 2022 को कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी, जिसके बाद प्रतिभा सिंह ने अपनी सियासी चालों से राज्य की सत्ता में कांग्रेस की वापसी करा दी।
जामनगर उत्तर में रिवाबा का जलवा
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा ने जामनगर उत्तर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने 50 हजार से ज्यादा वोट से जीत हासिल की। गौर करने वाली बात यह है कि रिवाबा को टिकट देने के लिए भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक धर्मेंद्र जडेजा का टिकट काट दिया था। इसके अलावा चुनाव के दौरान रिवाबा का नाम इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि उन्हें अपने ही परिवार में विरोध का सामना करना पड़ा। पति रविंद्र जडेजा जरूर उनके साथ थे, लेकिन ननद नैना खुद इसी सीट से कांग्रेस का टिकट चाह रही थीं। ऐसे में ससुर और ननद दोनों रिवाबा के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। रिवाबा करणी सेना की भी सदस्य रह चुकी हैं। करणी सेना ने साल 2018 में उन्हें महिला विंग का अध्यक्ष बनाया था।