भाजपा ने करीब दो साल पहले जब त्रिपुरा में वाम दलों का मजबूत किला ढहाया था, एक बड़ा वर्ग इस जीत को तुक्के के रूप में देख रहा था। सीएम बने बिप्लव देव के बचकाने बयानों के कारण पार्टी को शुरुआती दौर में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि अब विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने माकपा का सूपड़ा साफ कर यह साबित कर दिया कि वहां विधानसभा चुनाव में मिली जीत तुक्का नहीं थी।
एक सीट वाली नगालैंड में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को मात दे दी है। कांग्रेस के एल चीसी को डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के टी येपथोमी ने 16 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया है।
मेघालय में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी एनपीपी के हाथ एक तो कांग्रेस के भी हाथ एक सीट आई। बीते चुनाव में दोनों सीटों पर कांग्रेस काबिज थी। इस बार भाजपा अपने सहयोगी के माध्यम से राज्य में अपनी पैठ बनाने में कामयाब हुई।
भाजपा पूर्वोत्तर के इस खूबसूरत राज्य में पहली बार कमल खिलाने में कामयाब रही। जबकि कांग्रेस को अपनी दोनों सीटों से हाथ धोना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा को एक तो एनपीएफ के हाथ एक सीट हाथ लगी। इस सूबे में असम सरकार के मंत्री हेमंत विस्व सरमा ने खासी मेहनत की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दोनों सीटें मिली थीं वहीं इस बार कांग्रेस यहां से साफ हो गई है।
पूर्वोत्तर के एक अन्य अहम राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा का जलवा दिखा। पार्टी त्रिपुरा की तरह इस राज्य में भी क्लीन स्विप करने में कामयाब रहते हुए राज्य की दोनों सीटों पर कब्जा करने में कामयाब रही। इस सूबे से गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू और प्रदेश अध्यक्ष तापिर गाव को जीत हासिल हुई। बीते चुनाव में कांग्रेस को यहां एक सीट हासिल हुई थी।
अरुणाचल विधानसभा : भाजपा अपने दमपर बनाएगी सरकार
अरुणाचल की 60 विधानसभा सीटों में से 33 का रुझान देर शाम तक आ गया था। यहां भाजपा अपने दम पर सरकार बना सकती है। क्योंकि भाजपा को अब तक 25 सीटों पर बढ़त मिली है। इसमें 15 सीटों पर जीत दर्ज कराई है और 10 सीटों पर उसकी बढ़त लगातार जारी है। 28 सीटों पर अभी गिनती का काम जारी है।
एक मात्र सीट वाले मिजोरम में कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा। पार्टी को यहां अपनी एकमात्र सीट भाजपा की सहयोगी मिजो नेशनल फ्रंट के हाथों गंवानी पड़ी। भाजपा ने समझौते के तहत यह सीट सहयोगी एमएनएफ को दी थी।
सूबे में इस चुनाव में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की इंदिरा सुब्बा ने कब्जा जमाया। उन्होंने वर्तमान सांसद सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के डेक बहादुर कटवाल को 12044 मतों से हराया।
सिक्किम विधानसभा में नहीं खुला भाजपा का खाता
विधानसभा चुनाव की 32 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों में अब तक 21 सीटों पर रुझान मिले हैं। इसमें सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को 11 सीटें मिली हैं। इसमें 5 पर जीत दर्ज है 9 पर बढ़त जारी है।