फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव: इसकी प्रक्रिया क्या? जानें कांग्रेस ने जयशंकर के सामने क्यों नहीं उतारा उम्मीदवार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 10 Jul 2023 02:44 PM IST

सार

जिस राज्य की राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हो रहे हैं, उस राज्य के विधायक इसमें वोट डालते हैं। इन चुनाव में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह वोट नहीं पड़ते। यहां विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट डालना होता है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यसभा चुनाव 2023 - फोटो : AMAR UJALA
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होना है। इसमें गुजरात की भी तीन सीटें शामिल हैं। यहां से मौजूदा राज्यसभा सांसद और विदेश मंत्री एस जयशंकर का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है। इस चुनाव के लिए जयशंकर ने आज अपना नामांकन भर दिया है। वहीं, राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस चुनाव से दूरी बना ली है। 

आइये जानते हैं कि तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम क्या है? राज्यसभा का चुनाव कैसा होता है? तीनों राज्यों में मौजूदा समीकरण क्या हैं? गुजरात में कांग्रेस चुनाव क्यों नहीं लड़ रही? 
विज्ञापन

राज्यसभा चुनाव 2023 - फोटो : AMAR UJALA
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होना है। इसमें गुजरात की भी तीन सीटें शामिल हैं। यहां से मौजूदा राज्यसभा सांसद और विदेश मंत्री एस जयशंकर का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है। इस चुनाव के लिए जयशंकर ने आज अपना नामांकन भर दिया है। वहीं, राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस चुनाव से दूरी बना ली है। 

आइये जानते हैं कि तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम क्या है? राज्यसभा का चुनाव कैसा होता है? तीनों राज्यों में मौजूदा समीकरण क्या हैं? गुजरात में कांग्रेस चुनाव क्यों नहीं लड़ रही? 

Election Commission of India - फोटो : Social Media
पहले जानते हैं तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम क्या है?
पिछले दिनों निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने राज्यसभा की दस सीटों के लिए मतदान का एलान किया। इनके लिए मतदान 24 जुलाई को होगा। इसमें गोवा की एक, पश्चिम बंगाल की छह और गुजरात की तीन सीटें शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में डोला सेन, डेरेक ओ'ब्रायन, प्रदीप भट्टाचार्य, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और शांता छेत्री का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा, गुजरात में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिनेश जेमलभाई अनावडिया और लोखंडवाला जुगल सिंह माथुरजी का कार्यकाल भी इसी तारीख को खत्म हो रहा है। गोवा में विनय तेंदुलकर का कार्यकाल 28 जुलाई को खत्म होने जा रहा है। 

इन 10 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। चुनाव के लिए अधिसूचना छह जुलाई को जारी की गई है। नामांकन की अंतिम तारीख 13 जुलाई है। मतदान और मतगणना 24 को होगी। 

राज्यसभा चुनाव 2023 - फोटो : Amar Ujala
अब जानते हैं राज्यसभा सदस्यों का चुनाव कौन करता है?
राज्यसभा में किस राज्य से कितने सांसद होंगे यह उस राज्य की जनसंख्या के हिसाब से तय होता है। राज्यसभा के सदस्य का चुनाव उस राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायक करते हैं, जिस राज्य से वह उम्मीदवार है। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से काफी अलग है, क्योंकि इस सदन के लिए मतदान सीधे जनता नहीं करती, बल्कि जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि करते हैं। चूंकि राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह साल का होता है। राज्यसभा चुनावों के नतीजों के लिए एक फॉर्मूला भी तय किया गया है।

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान - फोटो : अमर उजाला
चुनाव नतीजों का ये फॉर्मूला क्या है? 
जिस राज्य की राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हो रहे हैं, उस राज्य के विधायक इसमें वोट डालते हैं। इन चुनाव में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह वोट नहीं पड़ते। यहां विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट डालना होता है। 

विधायकों को चुनाव आयोग की ओर से एक विशेष पेन दी जाती है। उसी पेन से उम्मीदवारों के आगे वोटर को नंबर लिखने होते हैं। एक नंबर उसे सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के आगे डालना होता है। ऐसे दूसरी पसंद वाले उम्मीदवार के आगे दो लिखना होता है। इसी तरह विधायक चाहे तो सभी उम्मीदावारों को वरीयता क्रम दे सकता है। अगर आयोग द्वारा दी गई विशेष पेन का इस्तेमाल नहीं होता तो वह वोट अमान्य हो जाता है। इसके बाद विधानसभा के विधायकों की संख्या और राज्यसभा के लिए खाली सीटों के आधार पर जीत के लिए आवश्यक वोट तय होते हैं। जो उम्मीदवार उस आवश्यक संख्या से अधिक वोट पाता है वह विजयी घोषित होता है। 

Rajya sabha election - फोटो : Rajya sabha election
ये आवश्यक संख्या कैसे तय होती है? 
इसे समझने के लिए गुजरात का उदाहरण लिया जा सकता है। यहां विधायकों की कुल संख्या 182 है। वहीं, कुल तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। हर एक सदस्य को राज्यसभा पहुंचने के लिए कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए इसके लिए एक तय फॉर्मूला है। यह फॉर्मूला यह है कि कुल विधायकों की संख्या को जितने राज्यसभा सदस्य चुने जाने हैं, उसमें एक जोड़कर विभाजित किया जाता है। 

इस बार यहां से तीन राज्यसभा सदस्यों का चुनाव होना है। इसमें एक जोड़ने से यह संख्या चार होती है। अब कुल सदस्य 182 हैं तो उसे चार से विभाजित करने पर 45.5 आता है। यानी गुजरात से राज्यसभा सांसद बनने के लिए उम्मीदवार को 46 प्राथमिक वोटों की जरूरत होगी। अगर विजेता का फैसला प्रथम वरीयता के वोटों से नहीं होता तो उसके बाद दूसरी वरीयता के वोट गिने जाते हैं।    

congress, कांग्रेस - फोटो : Twitter
कांग्रेस ने गुजरात में उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा क्यों की?
कांग्रेस ने गुजरात से राज्यसभा उम्मीदवरों के नाम की घोषणा नहीं की है। कांग्रेस ने कहा कि क्योंकि उसके पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं, इसलिए हम अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा, 'हमने राज्य में आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों को नामांकित नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि हमारी पार्टी के पास 182 सदस्यीय विधानसभा में आवश्यक संख्या बल नहीं है। इसके अतिरिक्त, हम चुनावी जीत हासिल करने के लिए अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों की खरीद-फरोख्त से बचते हैं।'

दरअसल, राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा में 156 सीटें भाजपा के पास हैं और कांग्रेस के महज 17 विधायक हैं। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 46 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। भाजपा को छोड़कर अगर अन्य दलों के विधायकों का भी समर्थन कांग्रेस को मिल जाता है तो भी यह आंकड़ा 26 तक ही पहुंचेगा। जो जीत के लिए पर्याप्त नहीं है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : सोशल मीडिया
तो क्या गुजरात की तीनों सीटों पर भाजपा की जीत तय है?
संख्या बल के लिहाज से भाजपा का तीनों सीट पर जीतना तय है। वहीं, गोवा में भी भाजपा के उम्मीदवार का जीतना तय माना जा रहा है। 

बंगाल में सबसे ज्यादा छह सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। यहां टीएमसी ने सोमवार को ही अपने छह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। राज्य में 294 विधानसभा सीटें हैं। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 43 वोट की जरूरत होगी। अभी राज्य में टीएमसी गठबंधन के 221 विधायक हैं। ऐसे में उसके पांच उम्मीदवारों का जीतना तय माना जा रहा है। वहीं एक सीट के लिए भाजपा की दावेदारी मजबूत है। जिसके सदन में 70 विधायक हैं। 
 

एस जयशंकर - फोटो : PTI
विदेश मंत्री जयशंकर कहां से चुनाव लड़ रहे हैं? 
जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म होने वाला है, उनमें सबसे बड़ा चेहरा विदेश मंत्री एस जयशंकर का है। उन्होंने गांधीनगर में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। हालांकि, भाजपा ने आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है, लेकिन एस जयशंकर का नामांकन निश्चित था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next