सुत्रों ने बताया कि भाजपा नेता अरुण जेटली के यहां पहले दौर की बैठक में शाह के अलावा, पीयूष गोयल, अनंत कुमार भी मौजूद थे, जबकि दूसरे दौर की बैठक में सुषमा स्वराज के साथ सुरेश प्रभू भी शामिल हुए। वहीं नितिन गडकरी को भी इस बैठक में शामिल होना था, लेकिन देरी से सूचित किए जाने के चलते वे इसमें शामिल नहीं हो पाए।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले प्रधानमंत्री के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि उपसभापति का पद एनडीए के पास रहना चाहिए। सूत्रों की मानें तो भाजपा शिरोमणी अकाली दल के नेता नरेश गुजराल या एमपी से राज्यसभा सांसद और दलित चेहरा सत्यनारायण जटिया का नाम इस पद के लिए फाइनल कर सकती है।
गौरतलब है कि राज्यसभा में भाजपा के पास कुल 106 सांसदों का समर्थन है जिसमें एआईएडीएमके के 14 सांसद हैं, वहीं विपक्षी पार्टियों के पास 117 सांसद हैं। हालांकि सदन में जीतने के लिए 122 का आंकड़ा चाहिए।
वहीं कांग्रेस की सदन में संख्या केवल 50 है, लेकिन विपक्षी दलों को मिला लें तो तृणमूल कांग्रेस के 13, समाजवादी पार्टी के 13, टीडीपी 6, डीएमके के 4, बसपा के 4, एनसीपी के 4 माकपा 4, भाकपा 1 सांसद है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही नवीन पटनायक की बीजेडी को अपने खेमे में लेने का प्रयास कर रहे हैं। एनडीए अगर बीजेडी को मना लेता है तो उसके 9 सांसदों के साथ एनडीए के पास 119 सांसद होंगें और विपक्ष के पास 121 होंगे।