घाटी में फैली अशांति पर काबू पाने के लिए बीजेपी-पीडीपी हर कोशिश कर रही है। उपचुनाव हुए बवाल के बाद निर्वाचन आयोग ने भी इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार से अनंतनाग सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए 75 हजार जवानों की भारी फोर्स की तैनाती की बात रखी है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सरकार ने कहा कि करीब 70 हजार केंद्रीय फोर्स को पांच राज्यों में तैनात किया गया है। लेकिन निर्वाचन आयोग अकेली एक सीट पर 75 हजार जवानों की तैनाती चाहता है। सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इतने कम समय में एक साथ इतने जवानों की तैनाती करना बहुत मुश्किल है।
दरअसल, निर्वाचन आयोग ने ये मांग तब उठाई है जब घाटी में कॉलेज की लड़कियों को जवानों से आक्रामक विरोध करते हुए देखा गया। इसके चलते केंद्र और राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। विरोध कर रही लड़कियों से निपटने के लिए महिला बटालियन में महिला जवानों की भर्ती की जा रही है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अशांत घाटी में पांच दिनों के बंद के बाद शैक्षणिक संस्थान 24 अप्रैल को खुले थे।
इसके बाद श्रीनगर का दिल कहे जाने वाले लाल चौक पर स्कूली छात्राएं सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करती हुई देखी गईं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार सरकार ने यह पहल की है। ये पुलिसकर्मी देश के पांच भारत रिजर्व बटालियनों का हिस्सा होगी, जिनके गठन के लिए केंद्र सरकार पहले ही अनुमति दे चुकी है। इन बटालियनों के लिए भर्ती प्रक्रिया पहले से ही चल रही है और कश्मीर के एक लाख 40 हजार से ज्यादा युवाओं ने पांच हजार पदों के लिए आवेदन किया है।