बीते दिनों उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों को देखते हुए चुनाव आयोग ने अगले लोकसभा चुनाव में सभी ईवीएम में वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) के इंतजाम का ऐलान किया है।
इसके साथ ही चुनाव आयोग वीवीपीएटी और ईवीएम के संबंध में जल्द ही पूरे देश में जागरुकता अभियान चलाएगा। 12 मई को सर्वदलीय बैठक केबाद आयोग इस अभियान की तारीखें तय करेगा। गौरतलब है कि वीवीपीएटी व्यवस्था लागू होने से मतदाता मतदान के तत्काल बाद एक पर्ची हासिल कर सकेगा। इससे मतदाता को पता चल जाएगा कि उसने अपना वोट किसे दिया है।
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आयोग की सूचना के मुताबिक ईवीएम और वीवीपीएटी के लिए 3000 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव में नई ईवीएम मशीन के साथ हर मतदान केंद्र पर वीवीपीएटी का इंतजाम होगा। आयोग पहले तो सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों को कई तरह के प्रजेंटेशन के जरिए यह बताएगा कि ईवीएम मशीन में किसी भी तरीके से रत्ती भर भी छेड़छाड़ संभव नहीं है। इसके बाद वह ईवीएम के साथ-साथ वीवीपीएटी पर देश भर में चरणबद्घ तरीके से जागरुकता अभियान चलाएगा। इसकी सूचना आयोग ने सभी सात राष्ट्रीय पाटियों सहित करीब पांच दर्जन महत्वपूर्ण क्षेत्रीय दलों को दे दी है।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद सपा, बसपा, आप सहित कुछ अन्य दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। आयोग ने लगातार इस तरह की संभावनाओं को न सिर्फ खारिज किया बल्कि ईवीएम में छेड़छाड़ की चुनौती भी दी।