कानून मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, हितधारक क्रॉस-चेक करने के लिए इसे मॉनिटर या टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे। जानकारी के मुताबिक यह फीचर सिंबल लोडिंग यूनिट में जोड़ा गया है।
चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग पेपर ट्रेल मशीनों की सिंबल लोडिंग प्रक्रिया में एक नया फीचर लेकर आया है। कानून मंत्रालय के दस्तावेजों के मुताबिक नया फीचर वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (VVPATs) मशीन पर अपलोड किए गए उम्मीदवारों के सीरियल नंबर, सिंबल और उनके नाम दिखाएगा।
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कानून मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, हितधारक क्रॉस-चेक करने के लिए इसे मॉनिटर या टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे। जानकारी के मुताबिक यह फीचर सिंबल लोडिंग यूनिट में जोड़ा गया है। बता दें कि 2019 के बाद से अधिक पारदर्शिता के लिए हर विधानसभा क्षेत्र या लोकसभा सीटों पर पांच मतदान केंद्रों से वीवीपीएटी (पेपर ट्रेल मशीन) पर्चियों का मिलान ईवीएम गणना के साथ किया जाता है।
पेपर ट्रेल मशीन की पर्चियों और ईवीएम में अंतर नहीं
गौरतलब है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ पिछले साल के अंत में हुए सात उपचुनावों में पेपर ट्रेल मशीन की पर्चियों और ईवीएम में डाले गए वोटों की गिनती में कोई फर्क नहीं पाया गया।
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वोटर को सात सेकंड तक दिखाई देती है स्लिप
ईवीएम से वोट डालने के बाद VVPAT स्लिप सात सेकंड के लिए एक विंडो में दिखाई देती है, जिससे मतदाता यह चेक कर सकें कि उन्होंने जिस उम्मीदवार को वोट डाला है, वह उसे गया है या नहीं। इसके बाद स्लिप एक टोकरी में गिर जाती है। ईवीएम की तरह वीवीपैट भी बाहरी पावर सप्लाई का उपयोग नहीं करती है और एक इंटरनल पावर पैक पर चलती हैं।