तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी की गई है। बनर्जी ने कहा कि अगर मतदाता सूची में अनियमितताओं के कारण विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि सरकार अवैध है, क्योंकि वह गलत मतों के जरिए चुनी गई है।
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा वही पुराने तरीके अपना रही है, जो उसने पहले भी विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा को आगामी चुनावों में कड़ा जवाब मिलेगा।
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लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने कहा, फर्जी मतदाताओं का मुद्दा सबके सामने है। कुछ जगहों पर एक ही नाम के पांच मतदाता हैं। एक व्यक्ति ने वाराणसी और कर्नाटक दोनों जगह दो से ज्यादा बार वोट दिया है। जो लोग एसआईआर की बात करते हैं, उन्होंने एसआईआर कराते हुए यह उजागर कर दिया कि वे किसके इशारे पर काम कर रहे थे। अगर वे अवैध वोटों के जरिए सत्ता में आए हैं, तो सरकार भी अवैध है। वे उन्हीं चालों में उलझे हुए हैं, जो विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल की गई थीं। यह सब सामने आ चुका है। लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे। आगामी चुनावों में उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा। उन्हें इसके लिए तैयार रहना चाहिए। बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर गरीब मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने की साजिश कर रहे हैं।
इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी ने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए 1,00,250 फर्जी वोट दिए जाने का आरोप लगाया था। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेजेंटेशन के जरिए कथित फर्जी मतदाताओं की सूची दिखाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत हुई है, जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार सत्ता मिली।
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मतदाता सूची दिखाते हुए उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी केवल 25 सीटों के अंतर से प्रधानमंत्री बने हैं। चुनाव आयोग भाजपा की मदद से भारत की चुनावी प्रणाली को खत्म करने में मदद कर रहा है। चुनाव आयोग हमें आंकड़े नहीं दे रहा, क्योंकि हम महादेवपुरा (कर्नाटक की विधानसभा सीट) से जो तथ्य सामने लाए हैं; अगर हम अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी ऐसा करेंगे, तो हमारे लोकतंत्र की सच्चाई सामने आ जाएगी। यह सब सबूत हैं, आपराधिक सबूत हैं।