देश में आगामी समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसके बाद लोकसभा का चुनाव है। चुनाव आयोग इस बार दिव्यांग मतदाताओं के लिए कुछ अलग व्यवस्थाओं में लगा है। आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि दिव्यांगों को वोट देने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसी क्रम में अभिगम्यता पर्यवेक्षक (पहुंच को आसान बनाने वाला) को नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही दृष्टिहीन वोटरों के लिए ईवीएम से वोट करना अलग अनुभव देने वाला होगा क्योंकि इसमें ब्रेल लिपि सिग्नल उपलब्ध कराया जाएगा। इस कारण वो ईवीएम में लगे बटनों को छूकर चुनाव चिन्हों की पहचान कर सकेंगे। इसके साथ ही ब्रेल लिपि वाले फोटो पहचान पत्र की सुविधा भी उनके लिए सहायक होगी।
अभिगम्यता पर्यवेक्षक इन वोटरों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम करेंगे। दिव्यांगों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर खाका तैयार किया जा रहा है। इस दौरान प्रत्येक क्षेत्र के नेत्रहीन वोटर, चलने में असमर्थ वोटर, सुनने में असमर्थ वोटर व अन्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस प्रकार के वोटरों को किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है और उसे किस तरह से दूर किया जाए इस बात का लक्ष्य संबंधित अधिकारी के पास होगा।
दिव्यांग मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए उनके नाम, मोबाइल नंबर और निवास स्थान की जानकारी के लिए चुनाव अधिकारियों द्वारा उनसे संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद इन मतदाताओं के मतदान केंद्र को चिन्हित कर मतदाता के घर से मतदान केंद्र की दूरी की बाधाओं को चिन्हित अधिकारी द्वारा दूर किया जाएगा। इन मतदाताओं की पूरी जानकारी मतदान अधिकारी के पास उपलब्ध होगी।
दिव्यांग मतदाताओं को उनके शहर में एक सहायक के साथ मतदान केंद्र तक जाने के लिए मुफ्त यातायात की सुविधा भी प्राथमिकता में है। इसके साथ ही इन्हें सामान्य मतदाता की तरह चुनाव की लाइन में खड़ा नहीं किया जाएगा और जल्द मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।