देश में चुनाव के दौरान अब लोग कहीं से भी मतदान कर सकेंगे। इसके लिए गृह राज्य लौटने की जरूरत नहीं। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सहभागिता बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (आरवीएम) तैयार की है। इसके जरिये दूरदराज में बसे प्रवासी मतदाता देश के किसी भी हिस्से से अपने मूल निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान कर सकेंगे।
दूरस्थ मतदान एक परिवर्तनकारी पहल
कानूनों में होगा संशोधन
रिमोट ईवीएम आयोग की शानदार पहल : कुरैशी
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने और इसके डेमो में सभी दलों को शामिल करने को निर्वाचन आयोग की शानदार पहल बताया है। प्रायोगिक तौर पर आयोग के कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, इससे प्रणाली के सामने आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी। कुरैशी ने कहा, लंबे समय से यह मुद्दा अधर में लटका था। हम इसका समाधान नहीं तलाश पा रहे थे। आयोग ने अगर इसका कोई इलेक्ट्रानिक समाधान तलाश लिया है तो यह बहुत अच्छी बात है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है। आयोग ने आश्वासन दिया है कि यह सभी हितधारकों के परामर्श के बाद किया जाएगा। वे इसका एक पायलट प्रयोग भी करेंगे। यह एक उत्तम विचार है, क्योंकि पायलट प्रयोग से इसमें आने वाली सभी समस्याएं सामने आएंगी। कुरैशी ने कहा, मुझे लगता है कुल मिलाकर, यह एक बहुत अच्छा कदम है और उम्मीद है कि इसमें आम सहमति बनेगी।
रिमोट ईवीएम पर कांग्रेस को आपत्ति, कहा- आयोग पहले दुरुपयोग रोके
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के रिमोट ईवीएम के प्रस्ताव पर जमकर हमला बोला। प्रमुख विपक्षी दल ने कहा, आयोग को सबसे पहले ईवीएम के दुरुपयोग को लेकर विपक्ष की आशंकाओं को दूर करना चाहिए, क्योंकि ये आशंकाएं चुनाव प्रणाली पर विश्वास को गंभीर रूप से कम करती हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल में हुए गुुजरात विधानसभा चुनावों में मतदान की अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा, अब कल्पना कीजिये कि क्या इन संदिग्ध पैटर्नों को एक बहु-निर्वाचन क्षेत्र मतदान मशीन के माध्यम से अन्य स्थानों तक बढ़ाया जा सकता है? यह पूरी चुनावी प्रणाली में विश्वास को गंभीरता से कम करेगा। रमेश ने कहा, हम निर्वाचन आयोग से सबसे पहले पूरी पारदर्शिता के साथ चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने और विपक्ष की चिंताओं को दूर करने की मांग करते हैं।
लोकतंत्र के सुचारु रूप से काम करने के लिए चुनावी प्रणाली में विश्वास सर्वोपरि
जयराम रमेश ने कहा कि लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए चुनावी प्रणाली में विश्वास सर्वोपरि है। जर्मनी की एक अदालत ने तो 2009 में ही वहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को रद्द कर दिया था, क्योंकि मशीन की अस्पष्टता एक मतदाता को यह विश्वास नहीं दिला सकती है कि उसका वोट सही तरीके से रिकॉर्ड किया जा रहा है। वहीं इसके व्यापक उपयोग के बावजूद ईवीएम ने भारत में बहुत विवाद पैदा किए। दुर्भाग्यवश अब तक इस मसले को सही ढंग से नहीं सुलझाया गया है। रमेश ने कहा, मतदाताओं और पार्टियों को चुनावी प्रणाली में विश्वास होना चाहिए।