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'चुनाव आयोग की ईवीएम अन्य संगठनों द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली ईवीएम से अलग है'

Fri, 14 Sep 2018 11:00 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा डूसू चुनाव में ईवीएम के गलत इस्तेमाल को लेकर उठाए गए सवालों पर भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सफाई दी है। शुक्रवार को ईसीआई ने साफ तौर पर कहा है कि हमारी ईवीएम अन्य संगठनों द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली ईवीएम से पूरी तरह अलग हैं।

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हाल ही में आयोजित चुनावों में जिन संस्थानों ने अपने स्तर पर ईवीएम इस्तेमाल की है और उसमें कथित छेड़छाड़ की बातें सामने आई हैं, इससे ईसीआई की ईवीएम के बारे में भी लोगों के बीच गलत धारणा पैदा हो रही थी। आयोग ने यह महसूस किया है कि ईसीआई के अधिकार क्षेत्र के बारे में कई लोगों के दिमाग में भ्रम मौजूद हैं। 

ईसीआई ने कहा, हम एक बार फिर से स्पष्टीकरण देना चाहते हैं कि ईसीआई स्थानीय निकाय चुनावों (नगर पालिकाओं, पंचायत इत्यादि) के संचालन के लिए जिम्मेदार नहीं है। ये चुनाव राज्य अपने स्तर पर कराते हैं। इसी तरह कुछ संगठन या संस्थाएं भी अपने चुनाव कराती हैं। 
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चुनाव किस तरह होंगे, ये सब बातें संगठन ही तय करते हैं। ईसीआई अपनी ईवीएम को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। हमारी ईवीएम के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती। आयोग के इस आत्मविश्वास का आधार तकनीकी, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की एक विस्तृत श्रृंखला है। यह हमारे ईवीएम और वीवीपीएटी को निर्माण, परिवहन, भंडारण, मतदान एवं गिनती प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की छेड़छाड़ के खिलाफ सुरक्षा देता है।

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2017 तक, मैसर्स भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), बैंगलोर और मैसर्स इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईंएल), हैदराबाद को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा राज्य चुनाव आयोगों और अन्य संगठनों को ईवीएम आपूर्ति करने की अनुमति दी गई थी। 

हालांकि, मई 2017 के बाद से बीईएल और ईसीआईएल को निर्देश दिया गया था कि अगर वे आयोग की ईवीएम से अलग तरह की ईवीएम राज्यों या विदेशों में सप्लाई करती हैं तो उन्हें इसके लिए आयोग से पूर्व अनुमोदन लेना होगा। इतना ही नहीं, यह सब उसी वक्त संभव हो सकेगा, जब आयोग  की वर्तमान ईवीएम सप्लाई का कोटा पूर्ण होगा। आयोग के मुताबिक, पुरानी ईवीएम नष्ट करने के लिए बीईएल-ईसीआईएल के पास भेजी जाती हैं। ये कंपनियां आयोग द्वारा निर्धारित सख्त प्रोटोकॉल के अनुसार ही पुरानी ईवीएम को नष्ट करती हैं।

भारत का निर्वाचन आयोग केवल एक ही पोस्ट ईवीएम का उपयोग करता है (यानी वोट केवल एक पद के लिए ही डाला जा सकता है)। डूसू के चुनावों में जो ईवीएम इस्तेमाल की गई हैं, वे बहु-पोस्ट ईवीएम हैं। ये ईवीएम ईसीआई के एकल पद वाली ईवीएम से पूरी तरह अलग हैं। आयोग यह बताना चाहता है कि ईसीआई-ईवीएम में उपलब्ध महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों को अन्य संगठनों/संस्थानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ईवीएम में उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। 
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