चुनाव आयोग ने गुजरात में ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। राज्य में शनिवार को पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान हुआ। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईवीएम को ब्लूटूथ की मदद से हैक किया जा रहा है। वहीं, आयोग ने कहा कि कांग्रेस के आरोप जांच के दौरान गलत पाए गए।
शिकायतकर्ता के मोबाइल से जो डिवाइस कनेक्ट बताया गया था, वह कोई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) नहीं बल्कि एक पोलिंग एजेंट का मोबाइल था। इससे पहले, पोरबंदर से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह मोढ़वाडिया ने मेमनवाड़ा समेत मुस्लिम बहुलता वाले तीन पोलिंग बूथों पर ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत की। उनका दावा था कि कुछ ईवीएम ब्लूटूथ जैसे डिवाइस से कनेक्ट पाईं गईं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीबी स्वैन ने शनिवार शाम बताया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के मोबाइल पर ब्लूटूथ ऑन करने पर एक अन्य डिवाइस इको 105 नाम से नजर आ रहा था। इसे पोलिंग बूथ पर लगी किसी ईवीएम की आईडी बताया गया और आरोप लगाए गए कि ब्लूटूथ की मदद से ईवीएम से छेड़छाड़ की जा रही है। इस पर तुरंत कलक्टर और पर्यवेक्षकों को उक्त मतदान केंद्र पर भेजा गया। साथ ही शिकायतकर्ता को भी बुलाया गया। इसके बाद स्थानीय मीडिया की मौजूदगी में मामले की जांच की गई।
जिला चुनाव अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पोलिंग एजेंट के पास इंटेक्स कंपनी का मोबाइल था, जिसका मॉडल नंबर इको 105 था। स्वैन के अनुसार, मनोज सिंगरखिया नाम का यह पोलिंग एजेंट शिकायतकर्ता के आसपास ही था। इसके चलते उसके मोबाइल पर ब्लूटूथ आईडी नजर आ रही थी। शिकायतकर्ता ने समझा कि इको का मतलब इलेक्शन कमीशन होता है।
वहीं कांग्रेस नेता मोढ़वाडिया का आरोप है कि ईवीएम से ब्लूटूथ के जरिए छेड़छाड़ की जा सकती है। चिप लगी ईवीएम को ब्लूटूथ की मदद से प्रोग्राम किया जा सकता है। हालांकि भाजपा ने मोढ़वाडिया के आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया है कि कांग्रेस नतीजे आने से पहले ही बहाने बनाने लग गई है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘कांग्रेस के सदस्य कह रहे हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी है। चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए। लेकिन हम कह सकते हैं कि नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस बहाने तलाशने में जुट गई है, क्योंकि उसे चुनावों में अपनी हार दिखाई देने लगी है। वे ईवीएम के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे हैं।’