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ECI: शिंदे गुट को 'शिवसेना' का नाम और 'तीर-कमान' चुनाव चिह्न मिला, चुनाव आयोग का फैसला

Fri, 17 Feb 2023 11:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शिंदे गुट को शिवसेना नाम दिए जाने का आदेश दिए। आयोग ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष और तीर बरकरार रखा जाएगा। 
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शिवसेना में ठाकरे राज खत्म - फोटो : अमर उजाला
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शिंदे गुट को शिवसेना नाम दिए जाने का आदेश दिए। आयोग ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी द्वारा चुनाव चिह्न तीर और कमान बरकरार रखा जाएगा। गौरतलब है कि शिवसेना के दोनों धड़े (एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे) पिछले साल शिंदे (महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री) द्वारा ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद से पार्टी के तीर-कमान के चुनाव चिह्न के लिए लड़ रहे हैं।

आयोग (ईसीआई) ने कहा कि शिवसेना का मौजूदा संविधान अलोकतांत्रिक है। बिना किसी चुनाव के पदाधिकारियों के रूप में एक मंडली के लोगों को अलोकतांत्रिक रूप से नियुक्त किया गया है। इस तरह की पार्टी संरचनाएं भरोसा पैदा करने में विफल रहती हैं।

चुनाव आयोग ने पाया कि 2018 में संशोधित शिवसेना का संविधान भारत के चुनाव आयोग को नहीं दिया गया। 1999 के पार्टी संविधान में लोकतांत्रिक मानदंडों को पेश करने के अधिनियम को संशोधनों ने रद्द कर दिया था, जिसे आयोग के आग्रह पर दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा लाया गया था। आयोग ने यह भी कहा कि शिवसेना के मूल संविधान के अलोकतांत्रिक मानदंड, जिन्हें 1999 में आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था, को गोपनीय तरीके से वापस लाया गया, जिससे पार्टी एक जागीर के समान हो गई।


 
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Election commission - फोटो : social media
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को दी ये सलाह
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक लोकाचार और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करने और नियमित रूप से अपनी संबंधित वेबसाइटों पर अपनी पार्टी के आंतरिक कामकाज के पहलुओं का खुलासा करने की भी सलाह दी, जैसे कि संगठनात्मक विवरण, चुनाव आयोजित करना, संविधान की प्रति और पदाधिकारियों की सूची।
 
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vote - फोटो : istock
राजनीतिक दलों के आंतरिक चुनाव में हो निष्पक्ष प्रक्रिया : ईसीआई
इसने आगे कहा, राजनीतिक दलों के संविधान में पदाधिकारियों के पदों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव और आंतरिक विवादों के समाधान के लिए एक और स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया का प्रावधान होना चाहिए। इन प्रक्रियाओं में संशोधन करना कठिन होना चाहिए और इसके लिए संगठनात्मक सदस्यों का बड़ा समर्थन सुनिश्चित करने के बाद ही संशोधन योग्य होना चाहिए।

 

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आनंद दुबे - फोटो : एएनआई
भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा चुनाव आयोग: उद्धव ठाकरे गुट
उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा,  आदेश वही है जिस पर हमें संदेह था। हम कह रहे थे कि हमें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। जब मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, तो चुनाव आयोग की यह जल्दबाजी दिखाती है कि यह केंद्र सरकार के तहत भाजपा एजेंट के रूप में काम करती है। हम इसकी निंदा करते हैं।
 
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संजय राउत - फोटो : एएनआई (फाइल)
चिंता की आवश्यकता नहीं, जनता हमारे साथ: संजय राउत, राज्यसभा सदस्य
उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने चुनाव आयोग की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,  हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जनता हमारे साथ है। हम एक नए प्रतीक के साथ जाएंगे और इस शिवसेना को एक बार फिर जनता की अदालत में खड़ा करेंगे।
 
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देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे - फोटो : ट्विटर
यह सत्य और लोकशाही की जीत है : एकनाथ शिंदे, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ये सत्य की जीत है। लोकशाही की जीत है। बाला साहेब के विचारों की जीत है और तमाम उन लोगों की जीत है जिन्होंने मेरा साथ दिया। यह शिवसेना कार्यकर्ताओं की जीत है। 
 
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देवेंद्र फडणवीस - फोटो : पीटीआई
शिंदे की पार्टी मूल शिवसेना, उन्हें मेरी शुभकामनाएं: देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री
भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चलने वाली शिवसेना, सीएम शिंदे की शिवसेना मूल शिवसेना बन गई है। उन्हें मेरी शुभकामनाएं। हम पहले दिन से आश्वस्त थे। क्योंकि अगर आप विभिन्न दलों पर चुनाव आयोग के पहले के आदेशों को देखें, तो वे इसी तरह के निर्णय थे। 

शिंदे ने कहा, यह देश बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान पर चलता है। हमने उस संविधान के आधार पर अपनी सरकार बनाई। चुनाव आयोग का आज जो आदेश आया है वह मेरिट के आधार पर है। मैं चुनाव आयोग का आभार व्यक्त करता हूं।
 

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सीएम एकनाथ शिंदे का ट्विटर अकाउंट - फोटो : ट्विटर
शिंदे ने बदली ट्विटर पर डिस्प्ले तस्वीर
मुख्यमंत्री शिंदे ने ट्विटर पर अपनी डिस्प्ले तस्वीर को अपडेट किया और तस्वीर के रूप में शिवसेना के तीर-कमान के प्रतीक को लगाया। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिंदे ने कहा, 50 विधायक,13 सांसद,लाखों कार्यकर्ता चोर हैं क्या? पहले आप(उद्धव ठाकरे) आत्मचिंतन करो कि ये नौबत क्यों आई है? क्योंकि आपने 2019 में बाला साहब ठाकरे के विचारों को बेच दिया और धनुष बाण को गिरवी रखा था इसे हमने छुड़ाया है। मैं चुनाव आयोग को धन्यवाद देता हूं, उन्होंने बहुत पवित्र कार्य किया है।  शिवसेना पार्टी उनकी है, जिनके पास बहुमत है। आप संपत्ति के मालिक हो सकते हैं, विचारधारा के मालिक नहीं हो सकते हैं। उन लोगों ने विचारधारा को बेच दिया। उनके लिए यह सबक है।
 
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सीएम शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की

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Eknath Shinde - फोटो : ANI
वहीं, चुनाव आयोग के फैसले के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में बालासाहेब ठाकरे स्मारक का दौरा किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। यहां मीडिया से बात करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि यह सब बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से हुआ है। उनके आशीर्वाद से हमने सरकार बनाई और उनकी विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। हम चुनाव आयोग के इस आदेश का स्वागत करते हैं।

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