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EC Kerala SIR: केरल में एसआईआर के लिए आयोग ने ऑब्जर्वर नियुक्त किए, मिली मतदाता सूची से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी

Wed, 24 Dec 2025 04:16 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।

सार

केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने बताया कि वर्ष 2026 के चुनावों के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को पारदर्शी बनाने हेतु चार वरिष्ठ अधिकारियों को ईआरओ नियुक्त किया गया है। ये ऑब्जर्वर राज्य के सभी 14 जिलों में संशोधन प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी करेंगे और मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करेंगे।

 

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2026 के लिए चुनावी रोल के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के सभी 14 जिलों हेतु चार वरिष्ठ चुनावी रोल ऑब्जर्वर (ईआरओ) नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य मतदाता सूची में शुद्धता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।
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किस जिले के लिए किसकी नियुक्ति?
उन्होंने यहां एक बयान में कहा कि वरिष्ठ नौकरशाह एम जी राजामणिक्यम, के बीजू, टिंकू बिस्वाल और के वासुकी को चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन संशोधन के लिए ईआरओ के रूप में नियुक्त किया गया है। मामले में राजामणिक्यम को कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड का काम सौंपा गया है, जबकि बीजू त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम के प्रभारी हैं। बिस्वाल कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम के ऑब्जर्वर होंगे और वासुकी को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा और अलाप्पुझा का काम सौंपा गया है।

ईआरओ करेंगे तीन बार दौरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, ईआरओ संशोधन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के दौरान अपने-अपने जिलों का तीन बार दौरा करेंगे। बयान में कहा गया है कि पहली यात्रा नोटिस अवधि के दौरान होगी, जब चुनावी रोल पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। दूसरी यात्रा चुनावी पंजीकरण अधिकारियों द्वारा दावों और आपत्तियों के निपटान के दौरान होगी, जबकि तीसरी यात्रा बूथ स्तर के अधिकारियों के काम के सत्यापन, सप्लीमेंट की छपाई और चुनावी रोल के अंतिम प्रकाशन के साथ होगी।

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अपनी शुरुआती यात्रा के दौरान, ऑब्जर्वर सांसदों, विधायकों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे ताकि उनकी शिकायतों और चिंताओं को सुना जा सके और संशोधन अभ्यास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद पहले से सूचना देने के बाद आम जनता के साथ भी अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी।
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त्रुटिहीन मतदाता सूची का लक्ष्य
निर्वाचन आयोग ने डेटा की शुद्धता के लिए कड़े मानदंड तय किए हैं। ईआरओ उन मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्टों की जांच करेंगे जहां, जिले के औसत की तुलना में नाम जोड़ने या हटाने की दर एक प्रतिशत से अधिक है या किसी भी विधानसभा क्षेत्र में तीन प्रतिशत से अधिक है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने आश्वासन दिया कि हर स्तर पर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं ताकि संशोधन प्रक्रिया बिना किसी शिकायत के पूरी हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और अंतिम प्रकाशन से पहले सभी तकनीकी व मैन्युअल कमियों को दूर कर लिया जाए।
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