चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब मतगणना केंद्रों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र सिस्टम लागू किया गया है। इसका मकसद बिना अनुमति वाले लोगों की एंट्री को पूरी तरह से रोकना है। यह नया नियम 4 मई को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों की गिनती के दौरान सख्ती से लागू किया जाएगा। आइए विस्तार से इन नियमों को समझते हैं।
चुनाव नतीजों की पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए QR कोड आधारित आईडी सिस्टम लागू करने का एलान किया है। यह व्यवस्था 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले लागू होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति काउंटिंग सेंटर में प्रवेश न कर सके और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।
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QR कोड सिस्टम कैसे काम करेगा?
नई व्यवस्था के तहत पहचान जांच के लिए तीन स्तर बनाए गए हैं।
पहले और दूसरे स्तर पर फोटो आईडी कार्ड की मैन्युअल जांच होगी।
तीसरे और सबसे अंदर वाले सुरक्षा घेराव में QR कोड स्कैनिंग होगी।
केवल QR कोड सत्यापन के बाद ही काउंटिंग हॉल में प्रवेश मिलेगा।
इससे सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी हो जाएगी।
किन चुनावों में लागू होगा यह सिस्टम?
यह नई व्यवस्था कई राज्यों के चुनाव परिणामों के दौरान लागू होगी। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी के विधानसभा चुनाव। पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों के उपचुनाव। आगे लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी इसे लागू किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने मीडिया और प्रशासन के लिए भी अलग व्यवस्था की है। हर काउंटिंग सेंटर पर मीडिया सेंटर बनाया जाएगा। मीडिया को एंट्री पहले की तरह अनुमति पत्र के आधार पर मिलेगी। जिला चुनाव अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर सख्त निगरानी रखी जाएगी।