पश्चिंम बंगाल की हाईप्रोफाइल विधानसभा सीटों नंदीग्राम को लेकर टीएमसी एक के बाद एक आरोप लगाकर आयोग को घेर रही है। लिहाजा मंगलवार को नंदीग्राम में दुबारा मतगणना की मांग खारिज करने और टीएमसी द्वारा लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है।
आयोग ने कहा कि पुर्नमतगणना का अधिकार रिटर्निंग अफसर-आरओ का है। इस सीट पर ममता और उनके पुराने सिपहसलार रहे सुवेंदु अधिकारी के मध्य कड़ा मुकाबला हुआ। कभी ममता तो कभी सुवेंदु पूरी मतगणना के दौरान बढ़त बनाते और पिछड़ते रहे।
अंत में अधिकारी ने दीदी को 19 सौ से ज्यादा वोटों से पराजित कर दिया। आयोग ने नाराजगी जाहिर की है कि मुख्य सचिव को आरओ को सुरक्षा देने के आदेश के बावजूद उन्हें राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
नंदीग्राम में कड़े मुकाबले में मिली हार को टीएमसी पचा नहीं पाई और ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि मनमानी की जा रही है। रिटर्निंग अफसर को पुर्नमतगणना के लिए धमकाया गया था।
इसलिए उसने टीएमसी की फिर से मतगणना कराने की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने रिटर्निंग अफसर के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीमकोर्ट में इंसाफ की लड़ाई लड़ने का एलान किया था। इस पर आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी चुनावी क्षेत्र में रिटर्निंग अफसर सर्वोसर्वा होता है। उसी के पास इलाके में पुर्नमतगणना नामांकन और मतदान का अधिकार होता है।
उसी के पास फिर से मतदान कराने का भी अधिकार होते है। वह चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन कराते हुए मौजूदा कानून प्रणाली के अनुसार काम करता है।
नंदीग्राम में मतगणना का दौरान हर राउंट की गिनती के बाद किसी भी एजेंट ने विरोध नहीं किया और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी जो रिपोर्ट प्राप्त हुई। उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने भी यहां की मतगणना पर अपनी रिपोर्ट दी है।
इसलिए आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस विधानसभा क्षेत्र की सभी मतपेटियां और रिकार्ड सुरक्षित रखने को कहा है। सभी ईवीएम और वीवीपीएट और वीडियो रिकार्डिंग और संबधित दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा है। साथ ही आवश्यकता मुताबिक सुरक्षा उपाय सुनिश्नित करने को कहा है।