सार
अगले महीने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव और कई राज्यों में उपचुनाव होंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने इसके लिए 1111 पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। आइए जानते हैं पर्यवेक्षक क्यों तैनात किए गए हैं?
देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में अगले महीने विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस चुनाव के चलते तेज होती राजनीति के बीच अब चुनाव आयोग ने भी बड़ा एलान किया है। आयोग ने बताया कि अगले महीने होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनाव के लिए 1,111 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। बता दें कि इस बार विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने हैं। इसके अलावा कई राज्यों में अप्रैल में विधानसभा उपचुनाव भी आयोजित होंगे।
चुनाव आयोग ने कहा कि ये पर्यवेक्षक चुनाव के दौरान आंख और कान की तरह काम करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव मुक्त और निष्पक्ष तरीके से हों। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि पर्यवेक्षक गुरुवार तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में तैनात हो जाएं।
ये भी पढ़ें:- Supreme Court: तीन माह से बड़े बच्चों को गोद लेने वाली महिलाओं को भी मैटरनिटी लीव, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
क्यों तैनात किए गए हैं पर्यवेक्षक?
बता दें कि पर्यवेक्षक अपनी तैनाती के बाद अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और रोजाना एक निश्चित समय तय करेंगे, जब उम्मीदवार, राजनीतिक दल या जनता के किसी भी सदस्य चुनाव से जुड़े शिकायत या सुझाव लेकर उनसे मिल सके। इस कदम का मकसद है कि चुनाव साफ-सुथरे, पारदर्शी और सभी के लिए निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।
ये भी पढ़ें:- West Bengal Elections: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, एक साथ बदले जाएंगे 13 जिलों के एसपी; कुल 19 अफसरों का तबादला
चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव
बता दें कि बीते 15 मार्च रविवार को चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। इनमें असम, केरल, पुदुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल हैं।असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव कराए जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे।
अन्य वीडियो