भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार को एक बैठक की। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीईसी के अन्य सदस्य सहित त्रिपुरा कोर ग्रुप के नेता भी मौजूद रहे। इस दौरान त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिए जाने पर चर्चा की गई।
यह बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली। 16 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए सीटवार चर्चा की गई। पार्टी की सीईसी बैठक से पहले नड्डा और पूर्वोत्तर के लिए भाजपा के समन्वयक संबित पात्रा के घरों पर गुरुवार को कई बैठकें हुईं।
बीते दिन हुई भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अहम बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष नेता मौजूद थे। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, भाजपा के राज्य प्रभारी महेश शर्मा और राज्यसभा सांसद बिप्लब देब भी शामिल हुए थे।
टिपरा मोथा ने भाजपा के साथ गठबंधन से किया इनकार
इस बीच, त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के वंशज और राज्य के एक राजनीतिक दल टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत देब बर्मन ने आगामी चुनावों में भाजपा के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार किया है। उन्होंने कहा, 'कोई गठबंधन नहीं- मेरा दिल सहमत नहीं है और इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं नई दिल्ली के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकता। हम जीतें या हारें, हम एक आखिरी लड़ाई लड़ेंगे। मैं अपने उद्देश्य और लोगों के साथ विश्वासघात नहीं कर सकता।
देब बर्मन ने कथित तौर पर राज्य में गठबंधन की संभावनाओं और "ग्रेटर टिपरालैंड" की अपनी मांग पर चर्चा करने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी चर्चा के दौरान मौजूद थे। देब बर्मन त्रिपुरा के मूल निवासियों के लिए एक अलग राज्य की मांग कर रहे हैं।
माकपा 43 और कांग्रेस 13 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
त्रिपुरा की मुख्य विपक्षी पार्टी माकपा ने 43 सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा की और 13 सीटें कांग्रेस के लिए आरक्षित रखीं। वाम मोर्चा के संयोजक नारायण ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य भाजपा को सत्ता से बेदखल करना है। इस बार 60 सीटों में से 43 सीटों पर माकपा, 13 पर कांग्रेस, 1 पर भाकपा, 1 सीट पर आरएसपी और 1 पर फॉरवर्ड ब्लॉक, जबकि एक सीट पर एक उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ेगा।
16 फरवरी को मतदान होगा
60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में 16 फरवरी को मतदान होगा। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 30 जनवरी है। मतगणना दो मार्च को होगी। 2018 में भाजपा ने सीपीआई (एम) के 20 साल के शासन को समाप्त करते हुए त्रिपुरा में पहली बार सरकार बनाई थी।