भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि कुछ समय पहले चुनाव आयोग ने एक प्रतियोगिता का आयोजन कर ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती दी थी। लेकिन तब एक भी दल इस प्रतियोगिता में भाग लेने नहीं पहुंचा। शाह ने पूछा कि तब अब विपक्ष ईवीएम पर सवाल क्यों खड़े कर रहा है। जबकि अब ईवीएम के साथ वीवीपीएटी को जोड़कर इसकी विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाने का काम किया गया है।
अमित शाह ने कहा है कि 1977 से लेकर 2014 तक जो भी परिवर्तन हुआ है, वह जनता के आदेश के कारण हुआ है। अच्छी बात रही है कि ये सभी बदलाव पूरी तरह अहिंसक रहे हैं। इससे जनता का लोकतंत्र में विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी दल को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो जनता के विश्वास को कम करता हो। किसी का नाम लिए बिना अमित शाह ने कहा कि कुछ दल अनुकूल परिणाम न आने पर खून की नदियां बहाने जैसे हिंसक बयान दे रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।