यह दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित ईक्वाडोर और पेरु देशों के तट पर होती है। यह घटना कुछ सालों के अंतराल पर घटित होती है।
यह होता है प्रभाव
अल-नीनो समुद्री हवाओं के दिशा बदलने, कमजोर पड़ने तथा समुद्र के सतही जल के ताप में वृद्धि में विशेष भूमिका निभाती है। अल-नीनो का एक प्रभाव यह होता है कि इससे वर्षा के प्रमुख क्षेत्र बदल जाते हैं। परिणामस्वरूप विश्व के ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में कम वर्षा और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में ज्यादा वर्षा होने लगती है।
अलनीनो स्पेनिश भाषा का शब्द है। इसके शाब्दिक अर्थ छोटा बच्चा है। दक्षिण अमेरिकी प्रशान्त महासागर में क्रिसमस के तुरंत बाद समुद्र के पानी का अचानक असामान्य रूप से गर्म और ठंडा होने की घटना को ईसा मसीह के बाल्यकाल से जोड़ा गया है।
अल-नीनो के ठीक विपरीत ला नीना होती है। ला-नीना की स्थितियाँ पैदा होने पर भूमध्य रेखा के आस-पास प्रशान्त महासागर के पूर्वी तथा मध्य भाग में समुद्री सतह का तापमान असामान्य रूप से ठंडा हो जाता है। इसे कोल्ड इवेंट कहा जाता है।
समुद्र के उपरी सतह का ठंडा होने की घटना अक्सर अल-नीनो के बाद आती है। लेकिन, यह जरूरी नहीं है कि हर बार इसे दोहराया जाए। कई बार ऐसी भी घटनाएं हुई हैं कि अल-नीनो के बाद ला-नीना न आकर फिर अल-नीनो की वापसी हो गई है।
कहा जाता है कि प्रशांत महासागर में संचित उष्मा एक निश्चित समय के बाद अल-नीनो के रूप में समुद्र से बाहर निकलती है। जिससे समुद्र के सतही जल के तापमान में वृद्धि होती है। लेकिन, उस निश्चित समय की गणना अभी भी ठीक-ठीक नहीं किया जा सकता है।