महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने मंगलवार को भाजपा में वापसी की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि वह फिर से भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं। वहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि वह भाजपा में शामिल होने की सोचते भी तो राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उनके रास्ते में आ सकते हैं।
बता दें कि पूर्व भाजपा नेता एकनाथ खडसे वर्तमान में शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा का हिस्सा हैं। अक्तूबर 2023 में बीजेपी छोड़ने के बाद वह अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए थे। तब उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उनका राजनीतिक करियर बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
खडसे के भाजपा में लौटने की अटकलें लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई थीं, क्योंकि भाजपा ने उनकी बहू रक्षा खडसे को लोकसभा उम्मीदवार बनाया था और जीतने के बाद उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी। लेकिन इस साल की शुरुआत में खडसे द्वारा इच्छा व्यक्त करने के बावजूद उनके दोबारा शामिल होने पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है।
खडसे ने मंगलवार को एक चैनल से बातचीत में कहा, 'मैं भाजपा में लौटने का इच्छुक नहीं था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर जोर दिया। जब मैं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिला, तो उन्होंने मुझे दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया और घोषणा की कि मैं भाजपा का हिस्सा बन गया हूं।'
बातचीत के दौरान खडसे से सवाल किया गया कि यदि आप भाजपा में शामिल होना चाहें भी तो आपके रास्ते में कौन आ सकता है, जिसके जवाब में खडसे ने कहा, 'यह देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन हो सकते हैं।'
खडसे के बयान के बाद स्थानीय भाजपा नेता और फडणवीस के करीबी गिरीश महाजन से प्रतिक्रिया ली गई, जिसके जवाब में महाजन ने कहा, वह (खडसे) चाहते हैं कि सभी पार्टियां और पद उनके परिवार के सदस्यों के साथ साझा हों। उनकी बहू एक केंद्रीय मंत्री हैं। उनका इरादा अपनी बेटी को एनसीपी (सपा) से विधानसभा चुनाव में उतारने का है, अगर विपक्षी एमवीए सरकार बनाती है, तो खडसे चाहेंगे कि उन्हें मंत्री बनाया जाए। महाजन जलगांव जिले में खडसे के स्थानीय भाजपा प्रतिद्वंदी हैं।
महाजन ने कहा, 'वह (खडसे) 30 साल से अधिक समय से जन प्रतिनिधि हैं और अब भी और अधिक चाहते हैं।' उन्होंने संकेत दिया कि दोनों ने अपने मनमुटाव को छुपाया नहीं है।
एक हफ्ते पहले, रक्षा खडसे ने कहा था कि अगर एकनाथ खडसे और गिरीश महाजन अपनी दुश्मनी को खत्म कर दें, तो इससे जलगांव के विकास में मदद मिलेगी।