सीएम ममता बनर्जी के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मालदा की रहने वाली सयंतिका दास ने उनको आम के गूदा के अचार का तोहफा दिया। वहीं, ममता बनर्जी ने मुलाकात के बाद संयुक्ता को मिठाई चॉकलेट और किताबें तोहफे में दी।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की रहने वाली एक आठ साल की बच्ची ने गुरुवार को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान उसने लोक कल्याणकारी योजनाओं जैसे कन्याश्री और सबुज साथी को लेकर सीएम को धन्यवाद भी दिया। ममता बनर्जी ने मालदा की रहने वाली सयंतिका दास से मुलाकात के बारे में ट्वीट भी किया है। ममता बनर्जी ने संयुक्ता दास को बंगाल का गौरव बताया।
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पहले थी साइकिल से कोलकाता जाने की योजना
गौरतलब है कि संयुक्ता पहले अपने गृहनगर मालदा से राज्य की राजधानी कोलकाता तक लगभग 350 किमी की दूरी साइकिल से तय करने की योजना बना रही थी। इसके बाद अधिकारियों के कहने पर कक्षा 2 की छात्रा सयंतिका दास और उनके माता-पिता बुधवार रात गौर एक्सप्रेस से कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से साइकिल से वह सीएम आवास पहुंची और ममता बनर्जी से मुलाकात की।
सीएम को दिया तोहफे में अचार
सीएम ममता बनर्जी के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मालदा की रहने वाली सयंतिका दास ने उनको आम के गूदा के अचार का तोहफा दिया। वहीं, ममता बनर्जी ने मुलाकात के बाद संयुक्ता को मिठाई चॉकलेट और किताबें तोहफे में दी।
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सयंतिका ने जताया सीएम का आभार
मुलाकात के बाद सयंतिका ने कहा कि सीएम से मिल कर उन्हें बहुत खुशी हुई है। मैं उनकी आभारी हूं। उनकी वजह से हमारे पास कन्याश्री और सबुज साथी जैसी योजनाएं हैं, जिसके कारण मैं और मेरी बहनें अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम हैं। सयंतिका दास ने इस मौके पर कहा कि मैं अपने सीएम को 2024 में अगले प्रधान मंत्री के रूप में देखना चाहती हूं।
सयंतिका दास ने बताया कि अपने माता-पिता की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उसकी दो बहनों को पहले अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। ममता बनर्जी सरकार की कन्याश्री योजना के कारण वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकीं। उसने बताया कि उसकी बहनें अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। दास ने कहा कि उन्हें और उनकी बहनों को सबुज साथी योजना के तहत मिली साइकिलों से फायदा हुआ है।
ममता ने बताया सयंतिका को बंगाल का गौरव
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाद में ट्विटर पर सयंतिका दास से मुलाकात को लेकर फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि "बंगाल का गौरव! मुझे सयंतिका से मिलकर खुशी हो रही है, जो अपने माता-पिता के साथ मालदा से आई थी। उसे और उसकी बहनों को कन्याश्री और सबूज साथी जैसी कई सरकार की प्रमुख योजनाओं से लाभ हुआ है। उनके जैसी युवा लड़कियां बंगाल को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगी और हमें उनका पालन-पोषण करते रहना चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके सभी सपने सच हों। मैं उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देती हूं।"