भारत और मिस्त्र ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के मुकाबले के लिए रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग में आगे बढ़ने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी के बीच बातचीत में माना गया है कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं। दोनों नेताओं ने इसे सबसे गंभीर खतरों में से एक बताते हुए इससे निपटने के लिए बड़े पैमाने पर एक दूसरे की मदद करने पर सहमति जताई।
वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बढ़ती हिंसा, कट्टरपंथ और आतंकवाद असली खतरा है।’ पूर्वोत्तर एशिया और पश्चिम एशिया को आपस में जोड़ने वाले महत्वपूर्ण देश मिस्त्र के साथ भारत ने व्यापारिक एवं वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत बनाने का फैसला भी लिया है।
दोनों देशों ने इस मौके पर माना कि उनके पास ऐसे आर्थिक मौकों को भुनाने के कई मौके हैं, जिन पर अभी काम नहीं किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रक्षा व्यापार को बढ़ावा देने के अलावा भी कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए बाकायदा एजेंडा तैयार किया गया है, जिन पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी।