कोर्ट में पेशी के बाद निकलते उदयन
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टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री उदयन गुहा को गुरुवार को कूचबिहार में एक पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ ने अंडे फेंककर निशाना बनाया। कथित वसूली मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेशी के लिए जेल वैन तक ले जाया जा रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि जैसे ही उदयन गुहा दिनहाटा पुलिस स्टेशन से बाहर निकले, उन पर अंडों की बौछार शुरू हो गई। पूर्व मंत्री ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनका चेहरा सीधे हमलों से बच गया। हालांकि, जेल वैन तक जाते समय कई अंडे उनके शरीर पर आकर लगे। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
घंटों पहले जुटी थी भीड़
उनके बाहर आने से कई घंटे पहले ही पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं जमा हो गए थे। प्रदर्शनकारियों की जोरदार नारेबाजी से माहौल शोरगुलपूर्ण हो गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उदयन गुहा के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें आगे बढ़ाया।
अभिषेक बनर्जी के दौरे में भी हुआ हंगामा
बता दें कि टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंकने और उनके साथ झड़प की पहली खबर उस वक्त आई थी जब चुनाव के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सोनारपुर के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके ऊपर अंडे और पत्थर फेंके थे। घटना के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई थी।
मदन मित्रा और सौगत रॉय तक पहुंचा विरोध
एक बार जब यह सिलसिला शुरू हुआ तो TMC सांसद सौगत रॉय, सांसद कुणाल घोष, विधायक मदन मित्रा की कार तथा कई स्थानीय नेताओं और पार्षदों को भी हाल के हफ्तों में इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ा है। वहीं, युवा टीएमसी नेता सौमित्र बनर्जी को भी पुलिस हिरासत में कोर्ट ले जाते समय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। इस दौरान भीड़ ने 'चोर-चोर' के नारे लगाए और उन पर अंडे फेंके थे।
जनता का गुस्सा या सियासी रणनीति?
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष इसे जनता के आक्रोश का प्रतीक बता रहा है, जबकि टीएमसी नेताओं का आरोप है कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाया जा रहा है।
BJP बोली- वर्षों के राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दावा किया कि दिनहाटा में उदयन गुहा के सत्ता में रहने के दौरान उसके कार्यकर्ताओं को वर्षों तक राजनीतिक हिंसा का सामना करना पड़ा।स्थानीय BJP नेता जिबेश बिस्वास ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 से 2026 तक क्षेत्र में विपक्षी कार्यकर्ताओं को व्यापक स्तर पर धमकियों, हमलों और लूटपाट का सामना करना पड़ा।
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फॉरवर्ड ब्लॉक से TMC तक का सफर
वरिष्ठ फॉरवर्ड ब्लॉक नेता कमल गुहा के पुत्र उदयन गुहा वर्ष 2016 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और बाद में राज्य सरकार में मंत्री बने।