केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सात नवंबर को दो पत्रकारों को प्रेस ब्रीफिंग से बाहर कर दिया था। एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने संवैधानिक पद पर बैठे हुए एक व्यक्ति के द्वारा पत्रकारों से अपमानजनक भेदभाव पर नाराजगी जाहिर की है। गिल्ड ने कहा है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के रक्षा किए जाने की उम्मीद की जाती है। राज्यपाल को पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने ऐसा नहीं किया।
आरोप है कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक प्रेस वार्ता के पहले दो पत्रकारों को चले जाने के लिए कह दिया। दोनों पत्रकारों के जाने के बाद ही उन्होंने अपनी प्रेस ब्रीफिंग की। इस घटना की प्रेस संगठनों ने कड़ी आलोचना की है और कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति को किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं होना चाहिए।