प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के फिल्म प्रोड्यूसर धर्मेश संगानी और उनकी कंपनी कलानी इम्पेक्स लिमिटेड के खिलाफ FEMA के तहत जांच शुरू की है। जांच में बिना घोषित विदेशी संपत्तियां, विदेशी बैंक खाते, कनाडा की एक कंपनी में हिस्सेदारी और निर्यात राशि से जुडी कथित अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। तलाशी के दौरान प्रोड्यूसर पर मोबाइल फोन फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है, जिसके बाद मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
किन ठिकानों पर ED ने की कार्रवाई?
केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को FEMA के तहत कलानी इम्पेक्स लिमिटेड और उसके डायरेक्टर धर्मेश संगानी के परिसरों पर तलाशी ली। जांच के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए।
तलाशी के दौरान मोबाइल फोन फेंकने की कोशिश क्यों हुई?
अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान धर्मेश संगानी ने कथित तौर पर एक इमारत की 13वीं मंजिल से अपना मोबाइल फोन फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की। हालांकि, जांच अधिकारियों ने मोबाइल बरामद कर लिया। ED ने सबूत नष्ट करने के प्रयास के आरोप में मुंबई पुलिस के पास संगानी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है।
क्या आरोपी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है?
धर्मेश संगानी या उनकी कंपनी की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वे जिस फिल्म अकादमी से जुड़े हैं, वहां से भी जवाब का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का आरोप है कि जांच के दौरान पता चला कि कुछ विदेशी खरीदारों से निर्यात के बदले मिलने वाली रकम अब तक प्राप्त नहीं हुई थी। साथ ही कंपनी ने इस अवधि को बढ़ाने के लिए अधिकृत डीलर बैंक से जरूरी अनुमति भी नहीं ली थी, जो FEMA नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
कनाडा, अमेरिका और UAE कनेक्शन कैसे सामने आया?
तलाशी के दौरान कंपनी और धर्मेश संगानी से जुडे ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे बिना घोषित विदेशी संपत्तियों और विदेशी बैंक खातों का पता चला है। एजेंसी इन दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है। ED के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि धर्मेश संगानी की एक बिना घोषित कनाडाई कंपनी में काफी बडी हिस्सेदारी है। इसके अलावा कनाडा, अमेरिका और UAE में भी कथित तौर पर बिना घोषित विदेशी बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनकी जांच जारी है।
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अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी क्यों हुईं सक्रिय?
अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका और UK के कस्टम अधिकारी भी आरोपी से जुडे कुछ वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे थे। ED अब इन अंतरराष्ट्रीय इनपुट्स के आधार पर पूरे मामले की कडियों को जोडने में जुटी है।