शिवसेना सांसद संजय राउत सात अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होंगे। ईडी ने उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया है और पूछताछ के लिए समय दिया है। संजय राउत के वकील ने बताया कि सात अगस्त को राउत ईडी के सामने पेश होंगे। दरअसल, राउत को आज पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के कारण वह ईडी दफ्तार नहीं पहुंचे।
संजय राउत ने इस पर कहा था कि अभी संसद का सत्र चल रहा है, इसलिए उन्हें पेशी में छूट चाहिए। उन्होंने कहा, मैं फिलहाल दिल्ली में रहूंगा। साथ ही उन्होंने ईडी से पूछताछ के लिए अगली तारीख भी मांगी थी।
संजीत पाटकर से हुई थी पूछताछ
मुंबई की एक चॉल के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं और संजय राउत की पत्नी और कथित सहयोगियों से संबंधित वित्तीय लेनदेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने राउत को तलब किया है ईडी ने पात्रा चावला भूमि घोटाला मामले में शिवसेना नेता संजय राउत के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर से मंगलवार को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
सांसद राउत ने आरोप को निराधार बताया
उद्धव ठाकरे खेमे के राज्यसभा सांसद राउत ने किसी भी गलत काम से इनकार किया था और आरोप लगाया था कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के कारण निशाना बनाया जा रहा है। राउत को एजेंसी के मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
इस मामले में 1 जुलाई को उनसे पूछताछ की गई थी और उन्होंने जांच अधिकारी के साथ करीब 10 घंटे बिताये थे। इस दौरान पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। राउत ने बाहर निकलते समय संवाददाताओं से कहा कि मैंने पूरा सहयोग दिया और उनके सभी सवालों के जवाब दिए। अगर वे मुझे बुलाएंगे तो मैं फिर हाजिर होऊंगा। उन्होंने कहा कि वह इस दौरान निडर थे क्योंकि उन्होंने जीवन में कुछ भी गलत नहीं किया है।
उनसे पूछताछ ऐसे वक्त पर हुई है जब शिवसेना विद्रोह के कारण दोफाड़ हो गई है। जिसमें एक तरफ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और दूसरी तरफ वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं। दोनों के बीच पार्टी के प्रतीक और संगठन के नियंत्रण को लेकर खींचतान चल रही है।