प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को 5,700 करोड़ बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के करीबी टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी को समन जारी किया है। इसके अलावा फरारी, रेंज रोवर और मर्सिडीज सहित छह गाड़ियां भी जब्त की हैं। मामले में चौधरी से 27 को पूछताछ होगी।
ईडी ने कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को सुजाना समूह के हैदराबाद, दिल्ली सहित आठ ठिकानों पर छापे मारे गए। ईडी ने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी के राज्य सभा सदस्य चौधरी ही सुजाना समूह की कंपनियों के मुख्य कर्ताधर्ता हैं और हमने यह सबूत भी एकत्र कर लिया है कि सुजाना समूह के सभी कंपनियों के निदेशक चौधरी के निर्देश पर ही काम करते थे।
एजेंसी ने कहा कि जब्त की गई कारें फर्जी कंपनी के नाम पर पंजीकृत है। टीडीपी सांसद आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के करीबी हैं. बीते दिनों राज्य में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंट्री बंद करने के बाद एजेंसियों की ओर से यह पहली कार्रवाई की गई है।
बता दें कि ईडी को एक ईमेल मिला था जिसमें शेल कंपनी के निदेशक चौधरी के साथ बातचीत कर रहे थे। ईडी सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों ने बैंक ऋण के कथित डाईवर्जन के मामलों में लाभार्थी को खोजने के लिए सुजाना समूह कार्यालयों में छापेमारी की।
अधिकारियों की अलग-अलग टीमों में बंटी थीं जिन्होंने शहर स्थित नागार्जुन हिल्स में स्प्लेन्डिड मेटल प्रोडक्ट्स लिमिटेड और सुजाना यूनिवर्सल इंडस्ट्रीज सहित उनके कंपनी कार्यालयों में छापा मारा। जुबली हिल्स स्थित चौधरी के ऑफिस पर भी छापेमारी की गई।