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ईडी मामले में चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से एक और दिन की राहत, कल फिर होगी सुनवाई

Tue, 27 Aug 2019 03:30 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पी चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय मंत्री (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े ईडी के मामले में आरोपी पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से एक और दिन की राहत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए बुधवार को भी सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। चिदंबरम ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका ठुकराए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 

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पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि आईएनएक्स मीडिया मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनसे की गई पूछताछ का लिखित विवरण पेश करने का निर्देश दिया जाए।

न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ के समक्ष चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में एक आवेदन दायर किया है जिसमे पिछले साल 19 दिसंबर, एक जनवरी और 21 जनवरी, 2019 को उनके मुवक्किल से की गई पूछताछ का लिखित ब्यौरा पेश करने का ईडी को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
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सिब्बल ने कहा कि इस लिखित ब्यौरे से पता चल जाएगा कि क्या चिदंबरम पूछताछ के दौरान जवाब देने से बच रहे थे जैसा कि ईडी का आरोप है। उन्होंने पीठ से कहा कि चिदंबरम को हिरासत में लेने के लिए ईडी अपनी मर्जी से और पीठ पीछे कोई दस्तावेज दाखिल नहीं कर सकता है।

सिब्बल ने कहा, 'वे अचानक ही दस्तावेज पेश कर रहे हैं और कहते हैं कि यह केस डायरी का हिस्सा है।' चिदंबरम की ओर से ही एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'वे आरोपी को हिरासत में लेने के लिए पीछे से दस्तावेज पेश नहीं कर सकते।'

इसके साथ ही उन्होंने संविधानिक और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया और कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त व्यक्तिगत आजादी के मौलिक अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता है। सिंघवी का कहना था कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग अधिनियम में 2009 में संशोधन किया गया जबकि इस मामले में आरोप 2007-08 के हैं।

सिंघवी ने कहा, 'आप एक व्यक्ति को सरगना बता रहे हैं जबकि ये कथित अपराध उस समय अस्तित्व में ही नहीं थे।' यह पीठ आईएनएक्स मनी लांड्रिंग मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत रद्द करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के 20 अगस्त के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही है। 

पीठ ने सोमवार को चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की अवधि मंगलवार तक के लिए बढ़ा दी थी। संप्रग सरकार के पहले और दूसरे कार्यकाल में चिदंबरम 2004 से 2014 के दौरान वित्त मंत्री और गृह मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं।

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