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ED Raids: ईडी ने अवैध विदेशी धनप्रेषण मामले में कई राज्यों में छापेमारी की; मुंबई, सूरत समेत कई शहरों में दबिश

Fri, 07 Mar 2025 11:48 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली

सार

छापे जयपुर, उदयपुर और अजमेर, मुंबई, सूरत और नोएडा में मारे जा रहे हैं। मुखौटा या फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के कथित अवैध धनप्रेषण की जांच के तहत कुछ कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुखौटा कंपनियों के जरिए भारत से विदेशों में कथित तौर पर करोड़ों रुपये अवैध तरीके से भेजे जाने से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत शुक्रवार को कई राज्यों में छापे मारे।  मामला राजस्थान के जयपुर में काम करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग की शिकायत से जुड़ा है।

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सूत्रों के मुताबिक, छापे जयपुर, उदयपुर और अजमेर, मुंबई, सूरत और नोएडा में मारे जा रहे हैं। मुखौटा या फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के कथित अवैध धनप्रेषण की जांच के तहत कुछ कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है।

सिक्किम बैंक के पूर्व महाप्रबंधक से जुड़ी 65 करोड़ की संपत्तियां जब्त
एक अन्य कार्रवाई में ईडी ने सिक्किम स्थित एक बैंक के पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) स्तर के अधिकारी से संबद्ध 65.46 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया है। यह कार्रवाई धनशोधन से जुड़े एक मामले के तहत की गई है। ईडी ने एक बयान में कहा कि जब्त की गई संपत्तियों में चार आवासीय संपत्तियां और भूखंड शामिल हैं। यह संपत्ति सिक्किम के देओराली, सियारी, रानीपूल और पेनलोंग में स्थित हैं।
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किस मामले में कार्रवाई?
संपत्तियां कथित रूप से स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम (एसबीएस) से धन की हेराफेरी करके खरीदी गई थीं। ईडी के अनुसार, बैंक में महाप्रबंधक रह चुके दोरजी शेरिंग लेप्चा इस फंड के गबन में शामिल थे। बयान के मुताबिक, लेप्चा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में जमा लगभग 53.41 करोड़ रुपये को भी फ्रीज कर दिया गया है। कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बैंक से गबन किए गए धन की हेराफेरी और धन शोधन की जांच का हिस्सा है।

एसबीएस की स्थापना 1968 में हुई थी
बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम (एसबीएस) की स्थापना 1968 में हुई थी और यह सिक्किम सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था है जो राज्य के कोषागार कार्यों को संभालती है। ईडी ने बताया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से दर्ज एक प्राथमिकी के बाद यह जांच शुरू की गई थी।

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