जम्मू कश्मीर में प्रवर्तन निदेशालय ने एक ऐसे मामले की जांच की, जिसमें विभागीय अधिकारियों ने दूसरे लोगों से मिलकर 2.67 करोड़ का भुगतान हड़प लिया। कायदे से यह भुगतान सरकार को होना था। टेलीफोन केबल बिछाने वक्त सड़क को जो नुकसान हुआ था, उसके चलते संबंधित कंपनी ने यह भुगतान किया था। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), श्रीनगर ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत, विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निरोधक सीबीआई मामले, कश्मीर, श्रीनगर की अदालत में पिछले सप्ताह हकीम इम्तियाज (थान जूनियर इंजीनियर, आर एंड बी पीडब्ल्यू शोपियां डिवीजन), नियामत अली भट (एक निजी सिविल ठेकेदार), शाहनवाज शफी (थान सर्कल डिप्लॉयमेंट हेड, एयरटेल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर क्षेत्र), मलिक मोहसिन शाह (एक्सिस बैंक, अरहामा शाखा, शोपियां के थान कर्मचारी) के खिलाफ अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। विशेष न्यायालय द्वारा 9 सितंबर को अभियोजन शिकायत का संज्ञान भी ले लिया गया है।
ईडी ने एसीबी, जम्मू-कश्मीर, अनंतनाग द्वारा जेके पीसी अधिनियम की धारा 5(1)(सी), 5(1)(डी) आर/डब्ल्यू 5(2) और आरपीसी की धारा 420, 468, 471, 120-बी (पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(सी), 13(1)(डी) आर/डब्ल्यू 13(2) और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 420, 468, 471 और 120-बी के समतुल्य) के तहत हकीम इम्तियाज और नियामत अली भट के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की थी। यह मामला एसीबी द्वारा एयरटेल प्राधिकारियों और रिलायंस जियो से संबंधित धन के दुरुपयोग के आरोपों के सत्यापन के आधार पर दर्ज किया गया था। इसमें उक्त कंपनियों ने शोपियां और हंदवाड़ा जिले में टेलीफोन केबल बिछाने के दौरान सड़कों को हुए नुकसान के लिए पीडब्ल्यूडी, आरएंडबी विभाग के पक्ष में भारी धनराशि का भुगतान किया था।
ईडी की जांच से पता चला है कि हकीम इम्तियाज ने नियामत अली सहित अन्य लोगों के साथ आपराधिक साजिश में, फाइबर-ऑप्टिक केबल बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई संपत्ति की मरम्मत के लिए दावा किए गए 2.67 करोड़ रुपये की धनराशि को धोखाधड़ी से प्राप्त किया। इस धन राशि को एक एकल संचालित बैंक खाते में जमा कर दिया। यह खाता, धोखाधड़ी से 'सहायक अभियंता, पीडब्ल्यू (आर एंड बी) डिवीजन, शोपियां' के नाम से खोला गया था। यह खाता, उक्त निधि को हड़पने के लिए खोला गया था।
जाँच एजेंसी को यह भी पता चला है कि बैंक खातों में अपराध की आय प्राप्त होने पर, नियामत अली भट ने इसका एक हिस्सा जब्त संपत्तियों के अधिग्रहण और निर्माण के लिए इस्तेमाल किया था। इससे पहले, ईडी, श्रीनगर ने नियामत अली भट के पास चल संपत्ति (एक मारुति वैगन आर) और अचल संपत्तियां (भूमि के रूप में, 01 कनाल, 03 मरला, छत्ताबल दक्षिण जिला श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में स्थित) कुर्क की हैं। इनके अलावा नियामत अली का दो मंजिला भवन, जिसकी कीमत 1.56 करोड़ रुपये है, को भी कुर्क किया गया है।