मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और एनएसआईसी के कुछ पूर्व अधिकारियों के यहां छापेमारी की है। यूबीआई का अब पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो चुका है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) के कुछ पूर्व अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी की है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में की जिसमें कथित तौर पर निगम को 173 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि यह धोखाधड़ी कथित तौर पर फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल करके की गई थी।
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एजेंसी ने बताया कि ये छापेमारी एनएसआईसी के तत्कालीन डिप्टी महानिदेशक (डीजीएम) माणिक लाल दास, एक अन्य डीजीएम गोपीनाथ भट्टाचार्य, एनएसआईसी के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर जयंत दास, यूबीआई के पूर्व मैनेजर माणिक मोहन मिश्रा और प्रदीप गंगोपाध्याय के आवासीय परिसरों पर सात नवंबर को की गई थी। इस दौरान 1.94 करोड़ की एफडी रसीदें और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
ईडी का यह मामला पश्चिम बंगाल पुलिस की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। इसमें आरोप लगाया गया है कि एनएसआईसी को 173.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जो इसकी कच्चा माल सहायता (आरडब्ल्यूए) योजना के तहत आरोपी को दिए गए थे। एनएसआईसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्रालय के तहत ही आने वाला एक विभाग है।