मनी लॉड्रिंग मामले में ईडी ने शुक्रवार को डीएमके नेता और सांसद कथिर आनंद के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। कथिर आनंद डीएमके के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु मंत्रिमंडल में दूसरे नंबर के नेता एस दुरईमुरुगन के बेटे हैं और वेल्लोर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। छापेमारी को लेकर डीएमके ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध में की जा रही है।
ईडी ने सांसद कथिर आनंद के पिता डीएमके महासचिव और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन के आवास पर भी छापेमारी की। छापेमारी आरबीआई के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन और 500 और 1000 रुपये के नोटों को 200 रुपये के नोटों से बदलने में बैंक अधिकारियों की ओर से की गई धोखाधड़ी को लेकर की गई है।
2019 में सांसद कथिर आनंद और उनसे जुड़े ठिकानों से 11 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त किए जाने के बाद वेल्लोर में लोकसभा चुनाव रद्द कर दिए गए थे। अगस्त 2019 में दोबारा चुनाव हुए तो कथिर आनंद ने डीमएके के टिकट पर 8141 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने एआईएडीएमके के एसी षणमुगम को हराया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर से उन्हें हराया।
वनमंत्री पोनमुडी के खिलाफ भी चल रही जांच
ईडी ने जुलाई 2023 में तमिलनाडु सरकार में वन मंत्री के पोनमुडी और उनके बेटे डॉ. पी गौतम सिगामणि के परिसरों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उनकी 14 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी। पोनमुडी पर आरोप है कि वे 2007-2010 तक तमिलनाडु सरकार में खान मंत्री थे। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे डॉ. पी गौतम सिगामणि, सिगामणि के बहनोई केएस राजमहेंद्रन और जयचंद्रन के नाम पर खनन के पांच लाइसेंस जारी किए। इस दौरान सिगामणि ने पट्टे पर दी गई भूमि से लाल मिट्टी की खुदाई की।
तमिलनाडु के सीएम ने बताया था राजनीतिक बदला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके मुखिया एमके स्टालिन ने उनकी सरकार के मंत्री और नेताओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदला करार दिया है। उन्होंने कहा था भाजपा राजनीतिक बदले में यह सब करा रही है। यह भाजपा द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने तमिलनाडु में बनी अभिनेता विजय की नई पार्टी पर आरोप लगाया कि वे डीएमके को खत्म करना चाहते हैं। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि जो लोग हमें डांटते हैं, वे अमर रहें।