प्रवर्तन निदेशालय 'ईडी' के छापों पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाए हैं। 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद छत्तीसगढ़ के रायपुर में इसी सप्ताह कांग्रेस पार्टी का महाअधिवेशन हो रहा है। ईडी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में पीसीसी कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव, गिरीश देवांगन, आरपी सिंह, विनोद तिवारी और सन्नी अग्रवाल के निवास एवं कार्यलयों पर रेड की है।
कांग्रेस पार्टी ने अपने बयान में कहा, 2004 से लेकर 2014 के बीच में ईडी ने 112 छापे मारे थे, जबकि मोदी सरकार के दौरान आठ साल में इन छापों की संख्या 3010 हो गई है। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार के तानाशाही राज में ईडी का नया नाम और नया काम लोकतंत्र को खत्म करना है।
कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, मोदी सरकार में ईडी ने जिन राजनेताओं के यहां पर रेड की है या उनसे पूछताछ की है, उनमें 95 फीसदी विपक्ष के नेता हैं। इसमें सबसे ज्यादा रेड कांग्रेस पार्टी के नेताओं के घरों और दफ्तरों पर की गई हैं। नेशनल हेराल्ड केस में ईडी ने रेड की थी। राहुल गांधी से ईडी ने 50 घंटे से भी अधिक समय तक पूछताछ की थी। इसके बाद सोनिया गांधी से तीन दिन पूछताछ की गई। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से ईडी ने 7 घंटे तक पूछताछ की।
अब छत्तीसगढ़ में 'भारत जोड़ो यात्रा' की सफलता के बाद पार्टी का महाधिवेशन हो रहा है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर ईडी ने छापेमारी की है। इनमें पीसीसी कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव, गिरीश देवांगन, आरपी सिंह, विनोद तिवारी और सन्नी अग्रवाल शामिल हैं। 2014 से लेकर अब तक ईडी ने कांग्रेस पार्टी से जुड़े 24 नेताओं के यहां रेड डाली है। टीएमसी के 19, एनसीपी 11, शिवसेना के 8, डीएमके 6, बीजद 6, राजद 5, बीएसपी 5, सपा 5, टीडीपी 5, इनेलो 3, वाईएसआरसीपी 3, सीपीएम 2, एनसी 2, पीडीपी 2, एआईएडीएमके 1, एमएनएस 1 और एसबीएसपी 1 से जुड़े नेताओं पर जांच एजेंसी ने दस्तक दी है।
कांग्रेस पार्टी के नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने कहा, हिमंत बिस्वा सरमा, जो अब असम के सीएम हैं, के खिलाफ ईडी और सीबीआई ने जांच की थी। उन पर शारदा चिटफंड घोटाले के आरोप लगे थे। उस वक्त वे कांग्रेस पार्टी में थे। सीबीआई ने उनके घर और कार्यालय पर छापा मारकर उनसे पूछताछ भी की थी। बाद में वे भाजपा में चले गए तो भाजपाई वाशिंग मशीन यानी 'ईडी' में धुलकर साफ हो गए।
इसी तरह की सूची में सुवेंदु अधिकारी, येदियुरप्पा, रेड्डी ब्रदर्स, नारायण राणे और मुकुल रॉय भी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी से दो सवाल पूछे हैं। मीडिया जब कुछ छापती है तो छापा मारा जाता है। संसद में विपक्ष को क्यों नहीं बोलने दिया जाता। न्यायपालिका को सार्वजनिक तौर पर प्रेसवार्ता करने के लिए मजबूर किया जाता है। विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों को कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के खिलाफ फ्रंटल संगठन बना रखा है। पवन खेड़ा और जयराम रमेश के अनुसार, केंद्र सरकार, अदाणी के घोटालों की जांच क्यों नहीं कर रही।