प्रवर्तन निदेशालय ने तेलंगाना के ऑपरेशन मोबिलाइजेशन (ओएम) चैरिटी समूह के पदाधिकारियों के हैदराबाद में 11 ठिकानों पर छापे मारे। आरोप है कि समूह ने दलित बच्चों को मुफ्त शिक्षा और भोजन प्रदान करने के नाम पर विदेशी एवं घरेलू दान से 300 करोड़ का फंड जुटाया और इसे अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया।
ईडी के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि राज्य पुलिस सीआईडी की एफआईआर के आधार पर एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। जांच में पता चला है कि चैरिटी समूह और कुछ अन्य लोगों ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, डेनमार्क, जर्मनी, फिनलैंड, आयरलैंड, मलेशिया, नॉर्वे, ब्राजील, चेक गणराज्य गणराज्य, फ्रांस, रोमानिया, सिंगापुर, स्वीडन और स्विटजरलैंड के दानदाताओं से लगभग 300 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई। ये राशि दलितों और उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा और भोजन उपलब्ध कराने के नाम पर ली गई।
ट्यूशन व अन्य फीस के नाम पर लिए 1,500 रुपये महीना
सीआईडी एफआईआर के अनुसार, ये बच्चे ओएम चैरिटी समूह की ओर से संचालित 100 से अधिक स्कूलों में पढ़ रहे थे। इन बच्चों की ट्यूशन और अन्य फीस के नाम पर प्रति माह 1,000 से 1,500 रुपये तक लिए गए। एकत्र की गई राशि को सावधि जमा में और इसके बाद ओएम समूह की अन्य संबंधित संस्थाओं में हस्तांतरित कर दिया गया। ईडी का आरोप है कि समूह ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकार से धनराशि ली, लेकिन इसे ठीक से दर्ज नहीं किया। उसने अपनी अन्य आय को खातों की किताबों में बहुत कम करके दिखाया था।