सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने चिदंबरम के समीक्षा आवेदन पर विचार करते हुए कहा कि पीएमएलए के फैसले द्वारा निर्धारित धारा 8(4) से संबंधित अनुपात में और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। लिहाजा, याचिका को 25 अगस्त को सुनवाई के लिए अनुमति दी जाती है।
सुप्रीम कोर्ट धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शक्तियों के फैसले पर समीक्षा वाली याचिका पर सुनवाई करने को सहमत हो गया। बृहस्पतिवार को इस मामले में खुली अदालत में सुनवाई होगी। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने 27 जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग करते हुए आवेदन किया था, जिसमें गिरफ्तारी, जांच और संपत्ति की कुर्की से संबंधित ईडी की व्यापक शक्तियों पर सुनवाई की मांग की थी।
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सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सी टी रविकुमार की पीठ ने चिदंबरम के समीक्षा आवेदन पर विचार करते हुए कहा कि पीएमएलए के फैसले द्वारा निर्धारित धारा 8(4) से संबंधित अनुपात में और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। लिहाजा, याचिका को 25 अगस्त को सुनवाई के लिए अनुमति दी जाती है।
फैसला संविधान के प्रावधानों के खिलाफ
कार्ति ने याचिका में कहा कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसले में एक त्रुटि है और यह संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। यह मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। बता दें कि पिछले महीने जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सी टी रविकुमार की पीठ ने आदेश में कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी को गिरफ्तारी और संपत्ति अटैच करने का अधिकार है।
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ईडी कर सकता पर्यावरण कानून उल्लंघन की जांच
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन की जांच कर सकता है। झारखंड के राजमहल में खदानों व क्रशर से पर्यावरण उल्लंघन की सुनवाई में एनजीटी ने यह बात कही।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने मंगलवार को झारखंड के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि निगरानी और वायु प्रदू्षण की समस्या का हल निकालने के लिए कमेटी का गठन करें। पीठ ने कहा कि कमेटी प्रदूषण को बंद कराकर स्वच्छ पर्यावरण बहाली की कार्ययोजना तैयार करे। साथ ही, अब तक के उल्लंघनों के लिए जवाबदेही तयकर मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया।