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Maharashtra: अशोक खरात की बढ़ी मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कस्टडी के लिए ED की विशेष अदालत में याचिका

Sat, 02 May 2026 01:16 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

ढोंगी बाबा अशोक खरात की सारी काली करतूतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। यौन शोषण के सातवें मामले में नासिक की एक अदालत ने उसे 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। खरात पर दैवीय शक्तियों और काले जादू का दावा करके कई महिलाओं का यौन शोषण करने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
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आरोपी अशोक खरात - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई की एक विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत में स्वयंभू बाबा अशोक खरात की कस्टडी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है। खरात दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे हैं और वर्तमान में नासिक जिले की पुलिस हिरासत में हैं।
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ईडी ने छह अप्रैल को खरात के खिलाफ पीएमएलए के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह मामला नासिक पुलिस द्वारा 'तांत्रिक' के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें उस पर जबरन वसूली, धार्मिक हेरफेर और कई महिला पीड़ितों पर नशीली दवाओं के ज़रिए हमला करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पीएमएलए अदालत दो मई को एजेंसी की कस्टडी की याचिका पर सुनवाई करेगी।

कई मामलों में गिरफ्तारी 
खरात के खिलाफ महिलाओं से दुष्कर्म और यौन शोषण से संबंधित कई एफआईआर भी दर्ज हैं। उत्तर महाराष्ट्र के नासिक पुलिस ने 18 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने तीन साल से अधिक समय तक बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शुक्रवार को नासिक की एक अदालत ने पुणे के एक व्यवसायी से पांच करोड़ की धोखाधड़ी के एक मामले में खरात को चार मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
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70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप 
वित्तीय अपराध जांच एजेंसी ने खरात पर एक बड़े जबरन वसूली रैकेट को चलाने और 'बेनामी' बैंक खातों के जाल के माध्यम से 70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया है। ईडी ने विशेष अदालत से खरात की कस्टडी की मांग की है। एजेंसी का तर्क है कि खरात की कस्टडी बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश करने, अंतिम लाभार्थियों की पहचान करने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जरूरी है। ईडी को शक है कि इस मामले के सीमा पार से भी तार जुड़े हो सकते हैं।

इमली के बीज और शहद देकर बटोरे करोड़ो रुपये
ईडी के अनुसार, खरात ने कथित तौर पर एक दिन में समता नागरी सहकारी क्रेडिट सोसाइटी, अहिल्यानगर जिले में पीड़ितों के दस्तावेजों का उनकी सहमति के बिना उपयोग करके 60 खाते खोले और 70 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन किए। जांच से पता चला है कि खरात ने पीड़ितों से वसूली और सामान्य वस्तुओं जैसे इमली के बीज और शहद को 'आशीर्वादित' वस्तुओं के रूप में बेचकर जमा किए गए धन से अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न चल और अचल संपत्तियां अर्जित की हैं।
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