प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के तहत एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। इसके तहत हेमंत ईश्वर शर्मा की लगभग 8.54 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को अपनी आइसलैंड में रजिस्टर्ड वेबसाइट BTCFUND.IS पर बिटकॉइन में निवेश करने का लालच देकर धोखा दिया। आरोपी ने 200 करोड़ रुपये जुटाकर निवेशकों के साथ ठगी की। उसने एकत्रित राशि का इस्तेमाल खुद के लिए किया। दूसरी तरफ अनेक निवेशक इस इंतजार में बैठे रहे कि उन्हें भारी रिटर्न मिलेगा।
ईडी ने देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में हेमंत ईश्वर शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की थी। यह एफआईआर BTCFUND.IS वेबसाइट के जरिए निवेशकों को धोखा देने के मामले में IPC, 1860 के तहत दर्ज की गई थी। इसी तरह की एक अन्य केस, उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में भी हेमंत ईश्वर शर्मा और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था। यह मामला भी उसी धोखाधड़ी वाली स्कीम से जुड़ा था। जांच में पता चला कि हेमंत ईश्वर शर्मा ने अपनी कंट्रोल वाली वेबसाइट के जरिए बिटकॉइन में निवेश के नाम पर लोगों से बड़ी रकम धोखाधड़ी से इकट्ठा की थी।
उन्होंने ज़्यादा रिटर्न का वादा करके निवेशकों को खूब लुभाया। झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक भी उसकी कंपनी से जुड़े हैं। यह इसलिए किया गया कि लोगों को वह स्कीम भरोसेमंद लगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका समर्थन नजर आए। इन झूठे दावों के कारण पूरे भारत से निवेशकों ने प्लेटफॉर्म पर पैसे जमा किए। उन्होंने लगभग 5 साल (2014-18) तक यह धोखाधड़ी वाली स्कीम चलाई। जब उन्होंने लोगों का भरोसा जीत लिया और वेबसाइट के ज़रिए काफी बिटकॉइन इकट्ठा कर लिए, तो अचानक वेबसाइट बंद कर दी।
इसके बाद निवेशकों को मालूम हुआ कि वे ठगे गए हैं। उनके साथ धोखा हुआ है। वे खुद को असहाय महसूस करने लगे। ब्लॉकचेन एनालिसिस से पता चला कि अपराध से कमाई गई लगभग 856.23 बीटीसी (200 करोड़ रुपये) की रकम उनके पास थी। इस रकम को क्रिप्टो एक्सचेंज के ज़रिए रियल एस्टेट और गाड़ियां खरीदने तथा अपने घर के रेनोवेशन में इस्तेमाल किया गया।
जांच से पता चला कि हेमंत शर्मा के पास BTCFUND.IS से मिलने वाले फंड के अलावा कमाई का कोई और जरिया नहीं था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने आलीशान और शानदार जीवन जीने के लिए किया। अपनी कोई औपचारिक आय न होने के बावजूद, उन्होंने दो बीएमडब्लू कार, देहरादून के एक पॉश इलाके में एक बंगला और आस-पास के इलाकों में करोड़ों रुपये की कई अचल संपत्तियां खरीदीं। इससे पहले, जांच एजेंसी ने हेमंत शर्मा की 4.56 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। ईडी ने हेमंत शर्मा को गिरफ़्तार किया था। वह अभी देहरादून की सिद्दोवाला जेल में बंद हैं।