प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 'पटनीटॉप होटल भूमि अतिक्रमण' मामले में, 'धन शोधन निवारण अधिनियम' (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 10.66 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) कर लिया है। जब्त की गई संपत्तियों में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के पटनीटॉप में स्थित होटल हॉलिडे इन, होटल ब्रॉडवे, होटल हॉलीवुड और होटल माउंटव्यू की जमीन और इमारतें शामिल हैं।
ईडी ने यह जांच सीबीआई, एसीबी, जम्मू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर पटनीटॉप क्षेत्र के विभिन्न होटलों, गेस्ट हाउस, रिसॉर्ट्स, कॉटेज और आवासों के मालिकों/निदेशकों तथा 'पटनीटॉप विकास प्राधिकरण' (पीडीए) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। आरोप है कि इन्होंने आवासीय इमारतों का व्यावसायिक उपयोग किया, स्वीकृत सीमा से अधिक निर्माण किया, और प्रतिबंधित क्षेत्रों (जैसे घने जंगलों, कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों) में अपना कारोबार चलाया।
इस दौरान पीडीए के अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज कर दिया। सीबीआई ने 2023 में आठ होटल मालिकों (जिनमें 6 होटल शामिल हैं) और पीडीए के कई अधिकारियों के खिलाफ छह चार्जशीट दायर की हैं। यह कार्रवाई 'जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम', 'रणबीर दंड संहिता', 'पर्यटन व्यापार पंजीकरण अधिनियम, 1978' और 'जम्मू-कश्मीर वन अधिनियम, 1987' के तहत की गई है। ईडी की जांच से पता चला है कि होटल हॉलिडे इन में, बिल्डिंग की मंजूरी होने के बावजूद, स्वीकृत प्लान से हटकर 7,552.74 वर्ग फुट का अनधिकृत निर्माण किया गया था।
इसके अलावा, होटल ब्रॉडवे, होटल हॉलीवुड और होटल माउंटव्यू को होटल के रूप में चलाने के लिए जरूरी अनुमति के बिना ही व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था। इन होटल की इमारतों, अनधिकृत निर्माण, उनसे जुड़ी जमीन और इस तरह के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल से हुई कमाई के बराबर मूल्य वाली संपत्तियों को 'अपराध से प्राप्त आय' मानते हुए अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है।
इससे पहले, जांच एजेंसी ने 2025 में दो 'अस्थायी जब्ती आदेश' जारी किए थे, जिनके तहत इसी मामले में ₹30.72 करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई थीं। इस नई जब्ती के साथ, इस मामले में अब तक अस्थायी रूप से जब्त की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग ₹41.38 करोड़ हो गया है।