दिल्ली की अदालत ने प्रवासी भारतीय कारोबारी और हॉलीडे समूह के सीसी थंपी को मनी लांड्रिंग (धनशोधन) से जुड़े एक मामले में जमानत दी है। यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा द्वारा कथित तौर पर विदेश में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने से संबद्धित है।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सी सी थंपी को मनी लांड्रिंग (धनशोधन) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी केरल में एक संपत्ति खरीद मामले में थंपी के खिलाफ जांच कर रही थी।
यह मामला विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित तौर पर उल्लंघन का है। ईडी ने 2017 में कारोबारी पर एक हजार करोड़ रुपए का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। दुबई के कारोबारी को इससे पहले एजेंसी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ड वाड्रा और हथियार विक्रेता संजय भंडारी के साथ कथित संबंधों पर पूछताछ के लिए भी तलब कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि थंपी को धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए), 1999 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के लिए उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जा सकता है। कारोबारी के खिलाफ फेमा के दो कारण बताओ नोटिस के तहत जिन कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है उनमें हॉलीडे सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, हॉलीडे प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और हॉलीडे बेकल रिजॉर्ट्स प्राइवेस लिमिटेड शामिल है। उनके ऊपर 288 करोड़ रुपये को लेकर जांच चल रही है।