प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूरत सब-ज़ोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत सुरेश जगुभाई पटेल और अन्य लोगों के मामले में दमन और वलसाड (गुजरात) में स्थित 17 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त किया। इन संपत्तियों की कीमत लगभग 6.52 करोड़ रुपये है।आरोप है कि बाहुबली ने धमकी के जरिये स्क्रैप ट्रेडिंग और ट्रांसपोर्ट सर्विस के कारोबार पर एकाधिकार जमा लिया था।
ईडी ने यह जांच दमन पुलिस, गुजरात पुलिस और मुंबई पुलिस द्वारा श्री सुरेश पटेल उर्फ़ सूखा और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन पर भ्रष्टाचार, अवैध हथियार रखने, हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, पासपोर्ट में धोखाधड़ी और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे कई अपराधों के आरोप थे।
जांच से पता चला है कि सुरेश जगुभाई पटेल ने अपने प्रतिद्वंद्वी व्यापारियों को हटाकर और धमकी, डराने-धमकाने, बाहुबल और अपने आपराधिक रिकॉर्ड से पैदा हुए डर का इस्तेमाल करके दमन में स्क्रैप ट्रेडिंग और ट्रांसपोर्ट सर्विस के कारोबार पर एकाधिकार जमा लिया था। इसके अलावा, इस मामले में सुरेश जगुभाई पटेल, उनके सहयोगी महेश नंदा और अन्य लोगों के खिलाफ 27.11.2024 को विशेष न्यायालय (PMLA), दमन में अभियोजन शिकायत संख्या 10/2024 दायर की गई थी।
इससे पहले तलाशी की कार्रवाई के दौरान 2.90 करोड़ रुपये नकद और बैंक बैलेंस ज़ब्त/फ्रीज़ किए गए थे। साथ ही, दमन और मुंबई में स्थित 4.42 करोड़ रुपये मूल्य की चौबीस अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया था और पीएमएलए, नई दिल्ली के निर्णायक प्राधिकरण द्वारा विधिवत पुष्टि की गई थी। अब तक, 13.85 करोड़ रुपये मूल्य की चल/अचल संपत्तियों को ज़ब्त/अटैच/फ्रीज़ किया जा चुका है।